चित्तौड़गढ़ कालिका माता मंदिर के महंत ट्रेजरी पहुंचे गहने लेने : सशस्त्र जवानों की निगरानी में रहेंगे नौ दिन गहने, सुरक्षा के लिए लगाया जाब्ता

चित्तौड़गढ़ कालिका माता मंदिर के महंत ट्रेजरी पहुंचे गहने लेने : सशस्त्र जवानों की निगरानी में रहेंगे नौ दिन गहने, सुरक्षा के लिए लगाया जाब्ता

उदयपुर।(मुकेश मेनारिया) शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहे हैं। इसलिए तीन दिन पहले शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर के महंत और पंडित ट्रेजरी से मां के गहनों को सिक्योरिटी के साथ मंदिर में ले गए हैं। पुलिस विभाग की ओर से 5 सशस्त्र जवानों को 9 दिन ड्यूटी देने के लिए भेज दिया है। मंदिर में भगदड़ ना हो इसके लिए आने-जाने के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। कालिका माता के गहने लेने पहुंचे महंत ने कहा कि कोरोना पूरी तरह हटने के बाद इस बार शारदीय नवरात्रि पूरे जिले में धूमधाम से मनाई जाएगी। सभी सार्वजनिक प्रोग्राम्स आयोजित होंगे। दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर में लोगों की बहुत आस्था रहती है। मंदिर की सजावट का काम भी पूरा हो चुका है। मंदिर के महंत रामनारायण पुरी और पंडित अरविंद भट्ट ने प्रशासन से सोने के गहने के लिए एप्लीकेशन भेजी थी। जिसके बाद आज दोनों कलेक्ट्रेट स्थित कोष कार्यालय पहुंचे और मां के गहने लेकर निकाले। गहनों का तोल करवाया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने सशस्त्र 5 जवानों को मंदिर में तैनात कर दिया है। सोमवार से इन गहनों के साथ माता जी का श्रृंगार किया जाएगा। कालिका माता मंदिर में अष्टमी के दिन महाराणा दरबार की तरफ से हवन करवाया जाता है जबकि नवमी के दिन ट्रस्ट की ओर से हवन पूजन किया जाता है।

लगाया गया जाब्ता

किला चौकी इंचार्ज भूरसिंह ने बताया कि कोरोना के बाद इस बार ज्यादा भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में मंदिर में अंदर जाने और बाहर निकलने का रास्ता बनाया गया है। लोगों को रूल्स के हिसाब से ही चलना होगा। भगदड़ ना हो इसके लिए भी जाब्ता तैनात किया जाएगा।