वन और भोजन की थीम पर मनाया विश्व वन दिवस

भरतपुर, (21 मार्च/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) कृषि महाविद्यालय भुसावर पर 21 मार्च शुक्रवार को ’’वन और भोजन’’ की थाीम पर विश्व वन दिवस 2025 मनाया गया। जिसमें जीवन में वनों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
महाविद्यालय के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने कहा कि जीवन के लिए ऑक्सीजन भोजन, ईधन समेत तमाम प्राकृतिक संसाधनों की जरूरत होती है, जो हमें वनों से प्राप्त होते हैं। वन वातावरण से कार्बन डाई आक्साइड अवशोषित का ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि वनों में 80 प्रतिशत स्थलीय जीव प्रजातियां निवास करती हैं, यह जैव विविधता का संरक्षण करता है। वन जल संरक्षण में सहायक है। जंगल वर्षा को आकर्षित करते हैं और जल संसाधनों की सुरक्षा में योगदान देते हैं लेकिन राष्ट्र एवं मानव विकास के नाम पर वनों की अन्धाधुन्ध कटाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक 33 प्रतिशत वन क्षेत्र की जगह 22 प्रतिशत वन क्षेत्र रह गया है। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारी पृथ्वी सभी जीव-जन्तुओं का घर है, जबकि मानव स्वार्थवश केवल अपने विकास की ओर अग्रसर है।
डॉ. राहुल कुमार ने कहा कि है हमारे भोजन का भविष्य जंगलों से शुरू होता है हमें अधिकाधिक पेड लगाकर वनों का संरक्षण करना चाहिए। पेड काटना पाप है और पेड लगाना पूण्य कार्य को हमें जीवन सूत्र बनाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. विकास कुमार आर्य, डॉ. मोहित कुमार, डॉ. एस.एल. यादव सहित महाविद्यालय स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित थे।






