युद्ध से पहले सिविल डिफेंस मॉकड्रिल क्यों थी जरूरी ?
देश (कमलेश जैन) देशभर में बुधवार 7 मई को सिविल डिफेंस मॉकड्रिल की गई। देश सहित राजस्थान के अलवर जिले मे मॉकड्रिल किया गया। डरने की जरूरत नहीं ||
रिटायर्ड कर्नल डॉक्टर बीबी वत्स ने कहा किसी भी तरीके से देश की जनता को डरने की जरूरत नहीं । इन तमाम चीजों को दिल को दिमाग से निकाल दीजिए। आज हमारा देश बहुत मजबूत है। इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व काफी ताकतवर है और हमारी सैन्य शक्ति दूसरे देशों की तुलना में बहुत अच्छी है। दो देशों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर देश आतंकवाद के खिलाफ हमारे साथ खड़े हैं।
क्या है इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान बार-बार युद्ध की खोखली धमकी दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार ने युद्ध जैसी इमरजेंसी में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी देशवासियों को देने के लिए मॉक ड्रिल्स करवा गया है। इसके साथ ही इसका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकारों और प्रशासन को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कदम उठाने में सक्षम बनाना है। मॉक ड्रिल के दौरान संबंधित एजेंसियों की तैयारी की क्षमता को परखा गया। इससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
जनता से की ये अपील
रिटायर्ड कर्नल ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि लोगों को अब पूरे समय आंख, कान खोले रखने होंगे। कहीं पर भी संदिग्ध चीज दिखे तो तुरंत जिम्मेदार को सूचित करें ये वो समय है जब हमें पूरी तरीके से अलर्ट रहना होगा। प्रदेश सरकार से भी मेरी मांग है कि एक ऐसा नंबर जारी किया जाए जिस पर फोन लगाकर कोई भी शख्स जानकारी दे सके।
क्यों जरूरी है मॉकड्रिल
भारतीय सेना को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे देश का एयर डिफेंस सिस्टम बहुत मजबूत है। दूसरे देश का विमान या ड्रोन भी घुसने नहीं देंगे। उससे पहले ही पकड़ कर मार गिराएगा। हमारे एयर डिफेंस सिस्टम की किल प्रोबेबिलिटी 90 फीसदी से ज्यादा है। वहीं मॉकड्रिल आम जनता के लिए क्यों जरूरी है, इसको लेकर उन्होंने कहा कि लोगों को पता होना चाहिए युद्ध के समय अगर सायरन बज रहा है तो उस समय क्या सावधानी रखनी है, इसके चलते मॉकड्रिल बहुत जरूरी था।
पाकिस्तान कभी घुस नहीं सकता, लेकिन किसी भी दुश्मन को कमजोर नहीं समझना चाहिए। इसलिए हमें सतर्क रहना होगा। रिटायर्ड कर्नल डॉक्टर बीबी वत्स ने आगे कहा कि भारत ने बालाकोट के वक्त पाकिस्तान को समझाया था, लेकिन वो माना नहीं इसलिए अब उसको उसी की भाषा में जवाब दिया गया। पाकिस्तान में आतंकवाद की जड़ ISI और सेना है। हमें उसे खत्म करना होगा और उसी के लिए ये सारी तैयारियां हो रही है।
रिटायर्ड कर्नल ने बताया कि युद्ध की तैयारी को लेकर समय लगता है और वो समय सेना ले रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सेना को साफ कह दिया गया था कि वो क्या चाहते हैं अब सेना की जवाबदारी है की वो पाकिस्तान पर किस तरीके से अटैक करें। जो की सेना द्वारा बीती यात्री को किया गया।
1971 की लड़ाई में भी 6 महीने सेना को पाकिस्तान पर अटैक करने में लगे थे। उस वक्त इंदिरा गांधी ने तत्काल हमला करने के लिए कहा था लेकिन सेना प्रमुख ने तमाम कारण गिनाए जिसके बाद पॉलिटिशियन माने थे।


