है कन्या पूजनअष्टमी, और नवमी, तिथि?

लक्ष्मणगढ़ (अलवर, राजस्थान/ कमलेश जैन) चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है। नौ रात्रि का ये उत्सव मां दुर्गा को समर्पित है।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि इस दौरान साधक माता रानी के नौ रूपों की पूजा 09 दिनों के दौरान करते हैं। देवी पुराण के अनुसार कन्या पूजन के बिना नवरात्रि के व्रत और पूजा का फल नहीं मिलता चूंकि कन्या को मां दुर्गा का ही स्वरूप ही माना जाता है। ऐसे में नवरात्रि के आखिरी दिन कंजक (कन्या) पूजन के बाद ही मां को विदाई दी जाती है।
नवरात्रि में कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं ।वहीं कुछ लोग नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। लेकिन इस बार तिथि के क्षय होने के कारण अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर कन्फयुज़न बनी हैं। दरअसल इस बार 9 की वजाए 08 दिन ही नवरात्रि मनाई जाएगी, जिस वजह से लोग अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर असमंजस में हैं।
इस बार की चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन अष्टमी या नवमी तिथि को किया जाता है। अष्टमी तिथि 5 अप्रैल और नवमी तिथि 6 अप्रैल को पड़ रही है, जिस वजह से अष्टमी तिथि की कन्या पूजन 5 अप्रैल और नवमी तिथि की कन्या पूजन 6 अप्रैल को की जाएगी। ऐसे में आप इन दोनों में से किसी भी दिन कन्या पूजन कर सकते हैं। कन्या पूजन करने से मां की कृपा आप पर बरसती है। इससे माता रानी मेहरबान होती है और आपकी मनोकमानएं पूरी करती है।






