हम आगे बढ़ने की जगह पीछे जा रहे हैं देश की सत्ता जिन लोगों के हाथ में है उन्हें कोई चिंता नहीं - सचिन पायलट

हम आगे बढ़ने की जगह पीछे जा रहे हैं देश की सत्ता जिन लोगों के हाथ में है उन्हें कोई चिंता नहीं - सचिन पायलट

अलवर जिले के रैणी के समीपवर्ती ग्राम दानपुर में एक धार्मिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट बुधवार को पहुंचे। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोरोना ने पूरे देश को प्रभावित किया है। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जो इससे प्रभावित ना हुआ हो। लेकिन उसके बाद भी हमें अपने बच्चों के भविष्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। देश में पेट्रोल और डीजल के के दाम आसमान छू रहे हैं। देसी घी से भी महंगा पेट्रोल डीजल हो चुका है। लोगों की नौकरियां चली गई है। काम धंधे ठप हो गए हैं। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। लेकिन केंद्र में जिन लोगों के हाथ में सत्ता की चाबी है। उन लोगों को कोई परवाह नहीं है। इस दौरान राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक जौहरीलाल मीणा ने अपने संबोधन में सचिन पायलट को साथ देने की बात कही। तो अपने संबोधन में सचिन पायलट ने भी कहा कि वो भी उनके साथ हैं दूर नहीं है। धार्मिक आयोजन में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अलवर जिले में चुनाव नहीं हैं। प्रदेश के 5 जिलों में पंचायत चुनाव हैं। लेकिन फिर भी हमें सोचने की आवश्यकता है। क्योंकि हमारा व हमारे बच्चों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है। देश के हालात लगातार खराब हो रहे हैं। देश व विश्व में कोरोना जैसी महामारी आई। इसमें सभी लोग प्रभावित हुए, ऐसा कोई व्यक्ति या परिवार नहीं होगा। जो इससे प्रभावित ना हुआ हो। लेकिन उसके बाद भी सोचना होगा। क्योंकि देश के हालात आज सामान्य नहीं है। हमारे बच्चे पढ़ लिख कर क्या करेंगे। उनका क्या भविष्य रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। गैस सिलेंडर 900 रुपए का हो चुका है। देश में नौकरियां नहीं मिल रही है व कारोबार बंद हो रहे हैं। लोग आगे बढ़ने की जगह पीछे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की बात नहीं है। लेकिन केंद्र में जिन लोगों के हाथ में सत्ता है। उन्हें कोई चिंता नहीं है। किसान की आमदनी व आय दोगुनी करने की बात हो रही थी। लेकिन मुझे एक भी किसान ऐसा नहीं मिला जिस की आय दुगनी हुई हो। सचिन पायलट ने कहा कि ऐसे लोगों को चुनना होगा। जो आपके समाज में वो आपके साथ रहे। आपकी दुख परेशानी को दूर करें। उन लोगों में इस तरह की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। इसलिए ऐसे लोगों को आशीर्वाद दें। जो हमेशा आपके बीच में रहकर आप लोग की समस्या का समाधान करा सकें। किसान के नाम पर सब लोग राजनीति करते हैं भाषण देते हैं। लेकिन जो असल में आप लोगों के लिए काम करना चाहते हैं। उन्हें आप लोगों के आशीर्वाद की आवश्यकता है। लाखों-करोड़ों लोगों के लिए ईस्टर्न कैनल योजना बनाई गई। 40 हजार करोड़ की योजना कि आम लोगों के सामने कोई कीमत नहीं है। यह योजना आम लोग भी किसान का जीवन बदल सकती है। सचिन पायलट ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है। आम जनता व सभी लोग विकास चाहते हैं। ऐसे में इन सब बातों को छोड़ना होगा कि किसकी सरकार में डीपीआर बनी किसकी सरकार के कार्यकाल में यह योजना बनी जनता को विकास चाहिए। ऐसे में ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है। पानी आने वाले समय के लिए चुनौती है। इन योजनाओं में 1 साल 2 साल या 3 साल लगे। लेकिन आने वाली पीड़ी के लिए यह जीवन लदायनी है। उसको इन योजनाओं का फायदा मिलेगा। इसलिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इसके लिए कोई तेरे मेरे की आवश्यकता नहीं सभी विवाद में मुद्दों को भूलते हुए प्रदेश प्रदेश की जनता के विकास के लिए सोचने की आवश्यकता है। सचिन पायलट ने इशारों ही इशारों में स्थानीय विधायकों की तारीफ की और कहा कि बीते 60 साल में जितना काम नहीं हुआ उतना काम अभी स्थानीय विधायकों द्वारा ढाई साल में कराया गया है। वो लगातार यहां आम जनता के बीच रहते हैं। आम जनता की समस्या सुनते हैं व उनका समाधान कराते हैं। एक बेहतर नेता के लिए आवश्यक है और नेता की यही पूंजी है कि वो सुख दुख में अपनी जनता के साथ रहे। उन्होंने कहा कि वो हमेशा लोगों व किसानों के लिए काम करना चाहते हैं और कर रहे हैं। उन्होंने अलवर में प्रदेश की जनता से समर्थन मांगा और आने वाले समय ऐसे नेताओं को चुनने की बात कही जो आम लोगों किसानों व ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर सके उनकी समस्या के लिए लड़ सके उनकी समस्या के बारे में सोच सके। सचिन पायलट ने अपने इस कार्यक्रम के दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी व मीडिया से बात करने से मना कर दिया। इस मौके पर दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा, बांदीकुई विधायक जीआर खटाना, अनिता ओमप्रकाश सैनी सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्त्ता मौजूद रहे। वही इससे पूर्व विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की ओर से पायलट को विभिन्न मांगों को लेकर मांग पत्र भी सौंपा व मांगे नही मानने पर 2 अक्टूबर से प्रशासन गांव के संघ अभियान का सम्पूर्ण राजस्थान में बहिष्कार करने की बात कही।

  • रिपोर्ट- सुनील जालिन्द्रा