खैरथल नगर परिषद पर 2 करोड़ का बिल तो बिजली निगम पर 40 लाख टैक्स बकाया
बिजली बिल समायोजन के भरोसे बैठी नप, डिस्कॉम रोडलाइट काटने की तैयारी में जुटा

खैरथल (हीरालाल भूरानी) आम लोगों का बिजली बिल जमा न होने पर निगम तुरंत कनेक्शन काट देता है, लेकिन सरकारी दफ्तरों का बकाया करोड़ों में होने के बावजूद निगम कार्रवाई से हिचक रहा है। खैरथल में नगर परिषद पर बिजली बिल का बकाया 2 करोड़ 7 लाख रुपए तक पहुँच गया है। निगम बार-बार पत्र और मौखिक अनुरोध कर बिल जमा करने की गुहार लगा रहा है, लेकिन परिषद की ओर से पूरी राशि जमा नहीं हो रही।
विद्युत निगम के मुताबिक, नगर परिषद के 35 वार्डों की स्ट्रीट लाइट का बिल 1 करोड़ 69 लाख रुपए बकाया है, जो लंबे समय से नहीं भरा गया। इसके अलावा, शहर में परिषद द्वारा संचालित पेयजल सप्लाई के 60 कनेक्शनों का 38 लाख रुपए का बिल भी एक साल से ज्यादा समय से जमा नहीं हुआ। बिल की राशि बढ़ने पर निगम कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू करता है, तब परिषद आंशिक भुगतान कर देती है। पिछले साल मार्च 2024 में स्ट्रीट लाइट का 70 लाख और फरवरी 2024 में पेयजल कनेक्शन का 20 लाख रुपए जमा किया गया था। फिर भी पूरा बकाया जमा नहीं होने से राशि करोड़ों में पहुँच गई।
इस संबंध में जयपुर विद्युत वितरण निगम खैरथल के सहायक अभियंता दिनेश भडाना ने बताया कि अगर मार्च में बकाया नहीं भरा गया, तो कनेक्शन काटे जाएँगे। स्ट्रीट लाइट और पेयजल आम लोगों से जुड़े हैं, इसलिए परिषद को समय दिया जाता है।
इस संबंध में नगर परिषद खैरथल के आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि बिलों में लगने वाला टैक्स सरकार के स्तर पर समायोजित होगा। निगम पर परिषद का 40 लाख रुपये का यूडी टैक्स बकाया है। समायोजन के बाद जो राशि बचेगी, उसे जल्द जमा कर दिया जाएगा।






