कोरोना के डर से रिश्तो में आई दरार, मौत के बाद माँ का अंतिम संस्कार करने भी नही आया सगा बेटा

बेटे की ना आने पर अधिकारी ने दी महिला को मुखाग्नि

कोरोना के डर से रिश्तो में आई दरार, मौत के बाद माँ का अंतिम संस्कार करने भी नही आया सगा बेटा

महाराष्ट्र:- गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश में लगातार कोहराम मचा रही है तेजी से मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं महाराष्ट्र के अकोला में भी संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है साथ ही संक्रमित मरीजों मैं मरने वालों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है तेजी से बढ़ते संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग के मंत्र नहीं शायद लोगों के दिलों में भी फासला बढ़ा दिया है
जहां एक तरफ लोग जमकर मातृ दिवस की खुशियां मनाते हुए सोशल मीडिया पर दिनभर छाए रहे और मातृ दिवस की एक दूसरे को बधाई दे रहे थे ऐसे में शर्मसार कर देने वाली घटना कोरोनावायरस के चलतेमहाराष्ट्र में  देखने को मिली जहां कोरोना संक्रमण के चलते महिला की मौत के बाद उसकी कोख से जन्मे बेटे ने ही अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 मई को कोरोना संक्रमण के चलते एक महिला की मौत हो गई प्रशासन ने बेटे को अंतिम संस्कार के लिए बार-बार संदेश भेजें लेकिन अनंत यात्रा पर निकल चुकी मां का अंतिम संस्कार करने बेटा नहीं पहुंचा बेटे के ना पहुंचने पर प्रशासन ने ही महिला का अंतिम संस्कार कराया
जब महिला के सगे बेटे ने ही अपनी जन्म जननी मां को विदाई देने से किनारा कर लिया तब अकोला में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी प्रशांत राजूरकर ने महिला की चिता को मुखाग्नि देकर बेटी का फर्ज निभाया घटना के बाद से ही चारों तरफ लोग प्रशांत राजूरकर की तारीफें करने लगे