विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को दिया प्रशिक्षण
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत भुसावर क्षेत्र के गांव कमालपुरा व सुहारी में किसान प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कृषि महाविद्यालय भुसावर के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि जून माह कृषि के लिए अति महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग ने जून माह में अच्छी वर्षा की भविष्यवाणी की है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जून माह का द्वितीय पखवाडा सर्वाधिक उपयुक्त है, क्योंकि इस दौरान फसल बोने से खरीफ फसल की कटाई सितम्बर के अंतिम पखवाड़े में हो जाती है, तथा अक्टूबर माह में खाली हुए खेतों में सरसों, चना, मसूर, मटर आदि की बुवाई की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि जून माह में अगेती फूलगोभी, भिण्ड़ी, तोरई, लोकी, खीरा, करेला, टिण्डा आदि की बुवाई के लिए भी उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधे लगाने के लिए इस माह उपयुक्त रेखांकन कर उचित दूरी पर गड़डे तैयार करें। किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बीज की व्यवस्था कर लें ताकि बुवाई में अनावष्यक देरी ना हो। ध्यान रखें बुवाई पूर्व बीज को कैप्टान या थाइरम दवा के 2 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से उपचार करें। इससे फसल की प्रारम्भिक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि दाल वाली फसलों जैसे उड़द, मूंग, लोबिया आदि को रायजोेबियम कल्चर से उपचारित करें। इससे फसलों की बढवार अच्छी होती है। किसान की सजगता से अच्छी फसल की उम्मीद की जा सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे डॉ. नबाव सिंह, डॉ. एमडी मीना, रूप्रेन्द्र मीना, हेमसिंह अम्बेश सहित अन्य कृषि अधिकारीयों ने भी फसल उत्पादन तकनीक के बारे मे बताया।


