ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा संकट गहराया, UTB डॉक्टरों का कार्यकाल बढ़ाने की उठी मांग
वराडा अस्पताल में कार्यरत डॉ. प्रगति टेम्भुलकर को यथावत रखने की ग्रामीणों ने की मांग

सिरोही (रमेश सुथार) प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर संकट में पड़ती नजर आ रही हैं। राजकीय चिकित्सालयों में कार्यरत यूटीबी (UTB) चिकित्सकों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो चुका है, जिससे ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि इन चिकित्सकों का कार्यकाल शीघ्र बढ़ाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जहां आगामी मेडिकल ऑफिसर (MO) की भर्ती प्रक्रिया स्थगित हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर कई चिकित्सक पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कोर्स के लिए संस्थान छोड़ चुके हैं। इससे गांवों में चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
वराडा अस्पताल की मिसाल बनीं डॉ. प्रगति
वहीं सिरोही जिले के वराडा राजकीय चिकित्सालय में पिछले चार वर्षों से कार्यरत चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रगति टेम्भुलकर की कार्यशैली और समर्पण ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि डॉ. प्रगति न केवल कुशल चिकित्सक हैं, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता और व्यवहार भी बेहद सराहनीय है।
ग्रामीणों ने डॉ. प्रगति को यथावत पद पर बनाए रखने की मांग करते हुए कहा कि उनके रहते अस्पताल की सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं और मरीजों को समय पर इलाज मिल रहा है।
सरकार से त्वरित निर्णय की अपील
ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि प्रदेशभर के UTB चिकित्सकों का कार्यकाल अविलंब बढ़ाया जाए और डॉ. प्रगति जैसे समर्पित चिकित्सकों को अपने पद पर बनाए रखा जाए, ताकि ग्रामीण जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाए मिल सके






