दस लक्षण पर्व के तहत भगवान का किया महामस्तक अभिषेक

दस लक्षण पर्व के तहत भगवान का किया महामस्तक अभिषेक

मकराना (नागौर,राजस्थान/ मोहम्मद शहजाद) शहर के  मंगलाना रोड़ वसुंधरा नगर में स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज के चल रहे दस लक्षण महापर्व के चतुर्थ दिवस उत्तम शौच धर्म को श्री 1008 चंद्रप्रभू भगवान का महामस्तक अभिषेक किया गया। वसुंधरा नगर विकास समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार जैन ने बताया कि आज के प्रथम अभिषेक कर्ता एवं आरती कर्ता श्रेष्ठी पवन कुमार जयसवाल, भैया शुभम, चक्षु समस्त परिवार को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। चंद्रप्रभ भगवान की शांतिधारा दस लक्षण पर्व के प्रथम सोमवार एवं चंद्रप्रभ भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर ही की जाती है। चंद्रप्रभ भगवान की प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रेष्ठी सुनील कुमार, भैया सुमित कुमार दिलवारी परिवार ने प्राप्त किया व द्वितीय शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रेष्ठी शांतिलाल, नवीन कुमार, मनीष कुमार शाहबजाज वालों ने प्राप्त किया। दोपहर में श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति से पधारे भैया दीपेश शास्त्री (मड़देवरा) वालों के द्वारा चल रही कक्षा में विशेष प्रश्न मंच एवं नए विषयों पर बच्चों को एवं महिलाओं को बतलाया गया। सांय काल महा आरती की गई एवं आरती के उपरांत भैया जी के द्वारा उत्तम शौच धर्म पर प्रवचन हुआ। जिसमें बताया गया (शुचेर्भावः शौचम्) जब हमारे जीवन में लोभ कम होगा तो पवित्र ज्यादा आएगी। करोड़ों में एक क्षमाशील, अरबों में एक विनम्र, खरवों में एक सरल परंतु शंखों शंखों में एक निर्लोभी हुआ करता है। 
 प्रवचन उपरांत धार्मिक अंताक्षरी का आयोजन किया गया जिसमें पांच ग्रुप बनाए गए एवं प्रथम स्थान पारसनाथ ग्रुप, द्वितीय स्थान विद्यासागर ग्रुप, तृतीय स्थान विमदसागर ग्रुप ने प्राप्त किया। जिसमें दीप प्रज्वलन कर्ता ज्ञानचंद्र लुहाड़िया, अनिल डोसी, विनित चौधरी, सुनील दिलवारी, सुनील पहाड़िया, योगेश पहाड़िया, मुकेश बाकलीवाल, पुखराज जेसवाल सुमित लुहाड़िया, सचिन गंगवाल, अनिल जेसवाल उपस्थित रहे। मंच संचालन नीतेश जैन, अमन जैन द्वारा किया गया।