कब होगी कार्यवाही: पुलिस व प्रशासन की नाक नीचे दुकानदार धड़ल्ले से कर रहे बिक्री

जीवन डोर न काट दे चाइना डोर

कब होगी कार्यवाही: पुलिस व प्रशासन की नाक नीचे दुकानदार धड़ल्ले से कर रहे बिक्री

भीलवाड़ा (राजस्थान/ बृजेश शर्मा) मकर संक्रांति जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, बच्चों में पतंगबाजी को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अनदेखी के चलते चाइना की डोर खुलेआम बाजार में बेची जा रही है। इसके दुष्परिणाम भी नजर रोजाना चाइना डोर से घायल होने वालों की संख्या बढ़ रही है। चाइना डोर की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। बावजूद इसके इसकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। नायलोन धागे का असर बच्चों के हाथों की अंगुलियों पर आना शुरू हो गया है। कहीं जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी समझे इससे पहले किसी की जीवन की डोर नहीं टूट जाए।
शहर में पतंग व धागे की बिक्री बाजारों सहित शहरभर के गली मोहल्लों में हो रही है। यहां दो महीनों से चायना की नायलोन डोर बिक रही है। इसके विपरीत सूती धागा बाजार में कहीं नजर नहीं आ रहा है। प्रतिबंध के बावजूद पुलिस व प्रशासन की नाक के नीचे चायना डोर चोरी-छिपे धड़ल्ले से विक रही है। ग्राहक से मोल-भाव तय कर पहले पैसा लिया जाता है फिर दुकानदार उन्हें लाकर दे देता है। 

  • पांच सौ रुपए में फायटर धागा 450 रुपए में मोनो काइट डोर 350 रु में मिल रही है। यह डोर प्रशासन की नजर में बंद है

सरकार के प्रतिबंध लगाने के बावजूद चोरी छिपे चायनीज डोर बेचने का सिलसिला जारी है। मानवीय जीवन के साथ पशु पक्षियों के लिए भी खतरा बनी डोर की चपेट में आकर हर साल सैकड़ों लोग जख्मी हो रहे हैं। कई तो अपनी जान भी गंवा चुके हैं। दिखावे के लिए पुलिस कभी कभार एकाध व्यक्ति को पकड़ कर डोर बरामद कर लेती है। पुलिस से बचने के लिए डोर बेचने वालों ने चोर दरवाजे बना लिए हैं। जो सोशल मीडिया के माध्यम से अपने ग्राहकों को डोर सप्लाई की जा रही है। जिसे पकड़ना ना मुमकिन सा लगता है

पक्षी भी होते हैं बड़ी संख्या में घायल

नायलोन धागे से सबसे ज्यादा नुकसान पक्षियों को है। आकाश में उड़ते समय पक्षी अक्सर धागे में उलझ जाते हैं। बेहद मजबूत होने के कारण वह टूटता नहीं और पक्षी बुरी तरह घायल हो जाते हैं। कई पक्षियों की तो मौत भी हो जाती है। इधर पतंगबाजी के दौरान विद्युत आपूर्ति लाइन भी फॉल्ट होता है। जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है।

फाइटर व मोनो काइट डोर की मांग अधिक

पतंग दुकानदारों के मुताबिक चायना डोर में सबसे ज्यादा मांग फाइटर व मोनो काइट की है। वहीं कोरोना के कारण थोड़े भाव बढ़े हुए हैं। फाइटर 550 रुपए तो मोनो काइट डोर का दाम 450 रुपए प्रति बंडल है। इसके अलावा 300 से 350 रुपए में चाइना डोर मिल रही है। इसे खरीदने के बाद उसे उचके में लपेटना पड़ता है। एक बंडल में करीब 5 से 6 हजार मीटर डोर आती है। इससे कई चर्खिया तैयार किए जा सकती हैं। चायना की डोर का बड़ा का व्यापार होता है। अब देखना यह है की मासूम बेजुबान पक्षियों व दुपहिया वाहन चालको को दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन किस तरह मुस्तेदी दिखाता है