जिला कलेक्टर के द्वारा ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में ग्राम विकास अधिकारी संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

जिला कलेक्टर के द्वारा ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में ग्राम विकास अधिकारी संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बारां (राजस्थान/ गिर्राज सौलंकी)  बारा जिला कलेक्टर के द्वारा ग्राम विकास अधिकारी को निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने के विरोध में राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा उमरेड के पदाधिकारियों के द्वारा उपखंड अधिकारी मालाखेड़ा को ज्ञापन सौंपकर 12 जिला कलेक्टर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष‌ के नेतृत्व में मालाखेड़ा एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस वैश्विक महामारी के विकर समय में जहां एक और अदृश्य दुश्मन से भयभीत होकर कोई भी व्यक्ति घर की दहलीज के बाहर पैर नहीं दिख रहा है वहीं दूसरी और हमारा ग्राम विकास अधिकारी कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रदेश प्रदेश की छह करोड़ जनता के जीवन के सुरक्षा अर्थ स्वयं एवं अपने परिजनों का जीवन दाव पर लगाकर पूरी तरह समर्पित होकर दिन रात एक एक जीवन बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। 17 अप्रैल 2021 से प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी लगातार फ्रंट लाइन कोरोनावायरस के रूप में कार्य कर रहे हैं एवं राजकीय दायित्व निर्वहन में अब तक 7 ग्राम विकास अधिकारी कोरोनावायरस संक्रमण के कारण काल का ग्रास बन चुके हैं तथा 200 से ज्यादा ग्राम विकास अधिकारी संक्रमित होकर खुद का जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ऐसे लिखकर समय में फ्रंट लाइन कोरोनावायरस का मनोबल बढ़ाने के स्थान पर जिला कलेक्टर 12 के द्वारा दिनांक 14 मई को कारंटाइंड सेंटर केंद्र क्षण के दौरान सफाई जैसी छोटी सी बात पर आवेश में आकर पंचायत समिति किशनगंज की ग्राम पंचायत भंवरगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी अंकेश कुमार डे के थप्पड़ मार कर गाली गलौज की गई है जो अशोभनीय निंदनीय है। जिला कलेक्टर की इस हरकत से प्रदेश के सभी ग्राम विकास अधिकारियों में जबरदस्त आक्रोश है इस घटना से ग्राम विकास अधिकारियों के मनोबल पर बहुत अधिक विपरीत प्रभाव पड़ रहा है एवं जिला के उत्तर प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों ने आज से ही कोविड-19 सहित समस्त कार्यों का बहिष्कार करते हुए आंदोलन का निर्णय लिया है ज्ञापन में 12 जिला कलेक्टर राजेंद्र विजय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत समिति उमरैण के समस्त ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।