10 ई-मित्र संचालकों ने गिरोह बनाकर लोगों के खातों से निकाले 26 लाख, कम्पनी के सॉफ्टवेयर ने पकडा

एक्सल वन स्टॉप सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड बैंकों के जरिए देशभर के अपने 7 हजार ई-मित्र एजेंटों के जरिए लोगों को राशि उपलब्ध कराने का काम करती है। इसमें राशि ट्रांजेक्शन के लिए यह कंपनी जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है, वह सॉफ्टवेयर भी कंपनी ने खुद ही बनाया है। यही कारण था कि सॉफ्टवेयर के जरिए ही कंपनी को पता चल गया कि उनसे जुड़े कुछ ई-मित्र संचालक गिरोह बनाकर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं।

10 ई-मित्र संचालकों ने गिरोह बनाकर लोगों के खातों से निकाले 26 लाख, कम्पनी के सॉफ्टवेयर ने पकडा

जोधपुर ,राजस्थान

एक्सल वन स्टॉप सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड बैंकों के जरिए देशभर के अपने 7 हजार ई-मित्र एजेंटों के जरिए लोगों को राशि उपलब्ध कराने का काम करती है। ओर एक्सल वन स्टॉप सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड से देशभर में जुड़े कुछ ई-मित्र संचालकों ने ग्राहकों के खाते से 26 लाख रुपए पार कर लिए। देश के तीन-चार राज्यों से जुड़े 10 ई-मित्र संचालकों ने गिरोह बनाकर ग्राहकों के फिंगर प्रिंट के क्लोन बनाकर बड़ी संख्या में लोगों के खातों से पैसे निकाल लिए। फिंगर प्रिंट के क्लोन बनाकर उनके खातों से क्लोन के जरिए आधार से मैच कराते रहे और पैसे निकालते रहे।

एक्सल वन स्टॉप सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड राशि ट्रांजेक्शन के लिए यह कंपनी जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है, वह सॉफ्टवेयर भी कंपनी ने खुद ही बनाया है। यही कारण था कि सॉफ्टवेयर के जरिए ही कंपनी को पता चल गया कि उनसे जुड़े कुछ ई-मित्र संचालक गिरोह बनाकर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। चूंकि यह मामला कंपनी से जुड़ा था, इसलिए कंपी के डायरेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने मामला सामने आते ही शुक्रवार शाम जोधपुर के शास्त्री नगर थाने में ऐसे 10 ई-मित्र संचालकों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया है।
 

तीन-चार राज्यों के ई-मित्र संचालकों ने बनाया गिरोह

जोधपुर बेस्ड इस कंपनी के डायरेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि देश के हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश के कई ई-मित्र उनकी कंपनी से जुड़े हैं। इन प्रदेशों के 10 संचालकों ने इस प्रकार का गलत काम किया।  अग्रवाल ने बताया कि जिन खाताधारकों के खाते से राशि निकाली गई, उनके नुकसान की भरपाई कंपनी की ओर से संबंधित खाताधारकों के बैंकों को कर दी गई है। यानी कंपनी ने बैंकों को ई-मित्र संचालकों के द्वारा ठगी कर निकाली गई रकम दे दी है और उनके खाताधारकों के खाते में वह रकम जमा भी करा दी गई है।

डायरेक्टर दीपक अग्रवाल की तरफ से कंपनी से जुड़े 10 ई-मित्र संचालक 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट कराई गई है। इसमें बताया कि कुछ दिनों में कंपनी के ग्राहकों के खातों से रकम साफ हो गई। किसी के खाते से 2 लाख, किसी के 13 लाख, किसी के सवा दो लाख, इस तरह से रकम साफ की गई है। इसमें कंपनी में काम करने वाले एक व्यक्ति सहित 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दी गई है।