खरसनकी-तालड़ा मार्ग पर बारिश से पुलिया ढही: 3.87 लाख की लागत पर उठे सवाल, खेतों तक वाहन न पहुंचने से किसान परेशान
गोविंदगढ़, (अलवर) गोविंदगढ़ क्षेत्र में खरसनकी और तालड़ा गांवों को आपस में जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बनी पुलिया हाल ही में हुई बारिश के दौरान ढह गई। पुलिया और सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से ग्रामीणों, राहगीरों और किसानों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पुलिया टूटने से मार्ग इतना संकरा हो गया है कि खेतों तक ट्रैक्टर और अन्य भारी कृषि वाहन ले जाना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है।
- गुणवत्ता पर सवाल: 3 साल पहले 15वें वित्त आयोग से बनी थी पुलिया
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग 3.87 लाख रुपये की लागत से इस पुलिया का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का खुला आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री और लापरवाही बरती गई, जिसके चलते पानी का मामूली दबाव भी यह निर्माण झेल नहीं सका और पहली तेज बारिश में ही पुलिया व सड़क का हिस्सा जमींदोज हो गया।
- रास्ता महज 2 से 3 फीट बचा, किसानों में विवाद की आशंका
पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद अब वहां से निकलने के लिए केवल 2 से 3 फीट चौड़ी जगह ही बची है। यह मार्ग ग्राम पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी तथा सैकड़ों बीघा खेतों तक पहुंचने का प्रमुख संपर्क सूत्र है। रास्ता बंद होने की वजह से किसानों को अपने कृषि वाहन मजबूरी में दूसरों के खेतों से होकर ले जाने पड़ रहे हैं, जिससे किसानों के बीच आपसी विवाद और तनाव की स्थिति बनने लगी है।
- प्रशासन का दावा: चुनाव के बाद होगी मरम्मत
मामले को लेकर ग्राम विकास अधिकारी रविंद्र सिंघल ने बताया कि बारिश के तेज बहाव के कारण पुलिया की सुरक्षा दीवार ढह गई थी, जिससे यह नुकसान हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होते ही प्राथमिकता के आधार पर पुलिया की मरम्मत कराकर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।

