माचिस-बिजली स्विच पर पाबंदी, ISI मार्क पाइप अनिवार्य: सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन सुरक्षा को लेकर आयुक्तालय के कड़े निर्देश
टोंक/जयपुर
राजस्थान सरकार के मिड डे मील आयुक्तालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन (Mid Day Meal) तैयार करने के दौरान संभावित हादसों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयुक्तालय ने गैस सिलेंडर और रसोई उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मिड डे मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने टोंक सहित राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों की स्कूल स्तर पर सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं।
सुरक्षा के लिए जारी प्रमुख दिशा-निर्देश:
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ISI मार्क और स्टील पाइप अनिवार्य: स्कूलों में अब केवल ISI मार्क वाले उपकरण और स्टील वायरयुक्त सुरक्षित गैस पाइप का ही उपयोग किया जाएगा।
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गैस रिसाव पर सतर्कता: रसोई में गैस रिसाव की स्थिति में बिजली के स्विच ऑन/ऑफ करने और माचिस जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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उपकरणों की जांच: सिलेंडर, रेगुलेटर और सीलिंग रिंग की नियमित जांच के साथ-साथ अधिकृत मैकेनिक से समय-समय पर सर्विसिंग कराना अनिवार्य होगा।
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छात्रों के प्रवेश पर रोक: सुरक्षा के लिहाज से रसोईघर में विद्यार्थियों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
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आपातकालीन इंतज़ाम: हर स्कूल की रसोई में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), बालू से भरी बाल्टियाँ और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुखता से दर्ज रखने होंगे।
कुकिंग स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग
आयुक्तालय ने निर्देश दिए हैं कि गैस वितरक एजेंसियों (Gas Agencies) के माध्यम से स्कूलों के गैस उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए। इसके साथ ही भोजन पकाने वाले कुक-कम-हेल्पर्स को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिक्षक संघ ने किया फैसले का स्वागत
शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि:
"इन सख्त दिशा-निर्देशों से सरकारी स्कूलों की रसोइयों में गैस सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में होने वाले हादसों की आशंका समाप्त होगी। यह नौनिहालों और स्टाफ दोनों की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय कदम है।"

