धर्मेंद्र प्रधान के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री, संगठन और प्रशासनिक अनुभव पर जताया गया भरोसा
नई दिल्ली (शशि जायसवाल) केंद्र सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की कमान वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया गया। लंबे राजनीतिक अनुभव, संघ की पृष्ठभूमि और विभिन्न मंत्रालयों में प्रशासनिक कार्यशैली को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की। वर्ष 2009 में कर्नाटक में सबसे बड़े जीत के अंतर वाले नेताओं में उनका नाम शामिल रहा। राज्य भाजपा में भी उन्होंने महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया तथा 2014 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में पार्टी का नेतृत्व किया।
साल 2019 में पहली बार केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किए गए जोशी अब तक संसदीय कार्य, कोयला, खान, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से उनका जुड़ाव युवावस्था से रहा है। कश्मीर बचाओ आंदोलन और 1992–94 के दौरान हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन से उन्हें व्यापक पहचान मिली। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और संघ से निकटता को उनकी राजनीतिक ताकत माना जाता है।
27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी राजनीति में आने से पहले उद्योगपति रहे हैं। उनकी पत्नी का नाम ज्योति जोशी है और उनकी तीन बेटियां हैं। उन्हें पुस्तकें पढ़ने, भारतीय शास्त्रीय संगीत सुनने और क्रिकेट में विशेष रुचि है।
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने से पहले भी उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों में रुचि दिखाई। कोयला मंत्री रहते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की पहल के तहत 70 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित कराने की शुरुआत की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और संघ की पृष्ठभूमि के कारण प्रह्लाद जोशी का शिक्षा मंत्रालय में कार्यकाल नई शिक्षा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

