अमरनाथ यात्रा से लौट रही श्रद्धालुओं की बस में लगी भीषण आग, सूझबूझ से बची 47 यात्रियों की जान
जम्मू/सलूंबर (राजस्थान)अमरनाथ दर्शन कर वापस लौट रहे राजस्थान के श्रद्धालुओं के लिए गुरुवार की शाम किसी चमत्कार से कम नहीं थी। जम्मू के रामबन जिले के करोल इलाके में यात्रियों से भरी एक बस का अचानक टायर फट गया, जिससे फ्यूल टैंक ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते पूरी बस आग के शोलों में तब्दील हो गई। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों, पीछे चल रही गाड़ियों के चालकों और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों की सूझबूझ से बस में सवार सभी 47 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के नवनिर्मित सलूंबर जिले के सराड़ा ब्लॉक (ढाकड़ा गांव) से श्रद्धालुओं का एक दल दो बसों में सवार होकर 9 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ था। बुधवार शाम को बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद गुरुवार को सभी यात्री बालटाल से वापस लौट रहे थे। शाम करीब पौने चार बजे जब बस रामबन के करोल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक उसका टायर फट गया और चिंगारी से फ्यूल टैंक ने आग पकड़ ली।
- ट्रैफिक जाम और सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हादसे के वक्त हाईवे पर ट्रैफिक धीमा था। आगे चल रही बस में आग की लपटें उठती देख पीछे चल रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत बस ड्राइवर को इसकी सूचना दी। इसी दौरान श्रद्धालुओं के जत्थे की दूसरी 16-सीटर बस भी वहां पहुंच गई। पीछे चल रही बस में सवार यात्री देवीलाल डांगी ने बताया, "जैसे ही आगे गाड़ियां रुकीं और आग लगने का शोर हुआ, हम सब घबरा गए। पास जाकर देखा तो वह हमारे साथ वालों की ही बस थी। सभी ने मिलकर तेजी से यात्रियों को नीचे उतारना शुरू किया।"
- सीआरपीएफ जवानों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ 84 बटालियन के जवान और फायर टेंडर की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सीआरपीएफ के कमांडेंट विजय सिंह खटाना ने बताया कि जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से दूर किया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
- सामान और नकदी खाक, प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
इस दर्दनाक हादसे में किसी भी यात्री को आंच नहीं आई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि श्रद्धालुओं को अपना सामान निकालने का मौका नहीं मिला। बस में रखा यात्रियों का सामान, कपड़े, मोबाइल और नकदी सब कुछ जलकर खाक हो गया।
हादसे के बाद रामबन जिला प्रशासन और स्थानीय सुरक्षाबलों ने सभी यात्रियों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की। देर रात करीब 10:30 बजे सभी को जम्मू के लिए रवाना किया गया, जहां वे फिलहाल सुरक्षित हैं।
- उपराज्यपाल ने लिया संज्ञान
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया (एक्स) पर पोस्ट कर घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने रामबन के डिप्टी कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित तीर्थयात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए और उनके सुरक्षित राजस्थान लौटने के तुरंत इंतजाम किए जाएं


