बूंदी में 'बालिका शक्ति प्रखर संवाद' का आयोजन: मेधावी और उत्कृष्ट बालिकाओं को मिलेगी हेलीकॉप्टर की सैर, जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेगा 'बालिका शक्ति कोष
बूंदी प्रशासन की अनूठी पहल: बालिकाओं के सशक्तिकरण को लेकर कलेक्टर ने की बड़ी घोषणाएं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 बेटियों को मिलेगी हेलीकॉप्टर राइड
बूंदी: नगर परिषद के टाउन हॉल में जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता और महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'बालिका शक्ति प्रखर संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना तथा उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनना था। इस दौरान जिला प्रशासन ने बालिकाओं के उज्जवल भविष्य और सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
'बालिका शक्ति कोष' और हेलीकॉप्टर की सैर का तोहफा
कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने 'बालिका शक्ति कोष' बनाने की घोषणा की। स्थानीय संसाधनों और दानदाताओं/उद्यमियों के सहयोग से बनने वाले इस कोष के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बालिकाओं को पढ़ाई, फीस, पुस्तकों तथा अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही, शिक्षा, खेलकूद और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पाँच मेधावी बालिकाओं को हेलीकॉप्टर की सैर कराने की घोषणा की गई, जिससे बेटियों में एक नया उत्साह संचारित होगा। साथ ही, उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विश्व प्रसिद्ध बूंदी चित्रशैली का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वासी बनें, अपने अधिकारों को पहचानें और नारी शक्ति को समाज की आधारशिला बताते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें।
पुलिस का 'संकल्प' अभियान और आत्मरक्षा प्रशिक्षण
जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा एक महीने का विशेष 'संकल्प' अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बालिकाओं को नए कानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति रहेगी।
एसपी ने 'राजकॉप सिटीजन ऐप' के बारे में बताते हुए कहा कि संकट के समय इसके जरिए तुरंत पुलिस सहायता ली जा सकती है। पुलिस की 'कालिका यूनिट' बालिकाओं को आत्मरक्षा का निशुल्क प्रशिक्षण दे रही है, वहीं पुलिस लाइन में स्थापित नई लाइब्रेरी में भी मेधावी छात्राओं को अध्ययन के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और कानूनी अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मुकेश परनामी ने बालिकाओं को बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह का डटकर विरोध करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाने वाली 10 साहसी बालिकाओं का विशेष सम्मान किया गया। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा ने कार्यक्रम के उद्देश्य रखे, जबकि कालिका टीम ने सुरक्षा पर डेमो और महारानी स्कूल की छात्राओं ने कन्या भ्रूण हत्या पर एक भावुक लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में सभी को नशा मुक्ति और अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।
प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य कार्यक्रम में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मुकेश परनामी, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एचडी सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसवीर मीणा, सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. सामर, मनोचिकित्सक डॉ. दौलतराम सहित कई अधिकारी, महिला वॉलंटियर्स और बड़ी संख्या में शहर की छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक मेरिंगटन सोनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

