बूंदी की बेटी का स्वर्णिम पंच: अरुंधति चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में रचा इतिहास, पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा
स्वर्णिम पंच से चमकीं बूंदी की अरुंधति चौधरी, राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास
बूंदी। जिले के छोटे से गांव गोविंदपुर (बावड़ी) की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में अरुंधति ने अपने 'स्वर्णिम पंच' के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर न केवल बूंदी, बल्कि पूरे राजस्थान और देश का नाम रोशन किया है।
अदम्य साहस, कठोर अनुशासन और अनवरत परिश्रम के बदौलत मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है।
जिला प्रशासन ने दी बधाई, बताया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मिसाल
अरुंधति की इस अभूतपूर्व सफलता पर बूंदी जिला प्रशासन ने उन्हें, उनके परिवार और प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई दी है। जिला प्रशासन ने इस जीत को जिले की प्रत्येक बेटी की सफलता करार देते हुए उनके माता-पिता और कोचिंग टीम के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन से अरुंधति इस मुकाम तक पहुंचीं।
बालिका सशक्तिकरण का नया अध्याय
जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव के मार्गदर्शन में संचालित 'बालिका शक्ति – प्रखर संवाद' पहल के तहत इस जीत को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। जिला कलक्टर ने कहा, "अरुंधति जैसी बेटियां यह साबित करती हैं कि यदि सही अवसर, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। हमारा उद्देश्य जिले की हर बेटी को उसकी प्रतिभा पहचानने और आगे बढ़ने का मंच प्रदान करना है।"
'बालिका शक्ति – प्रखर संवाद' मंच ने भी अरुंधति चौधरी का अभिनंदन करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम इसी तरह रोशन करती रहेंगी।

