नशे की गंभीर चुनौती से निपटने नशा मुक्त भारत अभियान बनाने हेतु हम सभी को संकल्प लेना होगा: धर्मेंद्र सिंह
चित्तौड़गढ़ (राजकुमार गोयल) नारकोटिक्स एनॉनिमस (NA) का नशामुक्ति सम्मेलन का शुभारंभ दिनांक 10 सितंबर को स्थानीय केसर बाग रिसोर्ट में आयोजित हुआ। संस्थान के चेयरपर्सन सोमवीर राठी ने बताया कि इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ के जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव मुख्य अतिथि रहे। गफ्फार पठान व ऐडवोकेट सुरेंद्र पाल सिंह ने परंपरागत तरीके से मुख्य अतिथि का सम्मान किया।
इस अवसर पुलिस अधीक्षक यादव ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को बर्बाद नहीं करता, वो एक परिवार को तोड़ता है। एक पीढ़ी को गुमराह करता है । अंतत: एक राष्ट्र की नींव को कमजोर कर देता है। यह हमारे युवाओं के सपनों का हत्यारा है, हमारी संस्कृति का दुश्मन है। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान बनाने हेतु हम सभी को संकल्प लेना होगा।
उन्होंने कहा कि नशे की लत की समस्या आज हमारे समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और दुख की बात यह है कि इसका सबसे अधिक शिकार युवा पीढ़ी हो रही है।
मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह एक अच्छी ख़बर भी है नारकोटिक्स एनॉनिमस (NA) की मीटिंग्स के माध्यम से नशे की लत से उबरना अब संभव है, और NA द्वारा किए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान बनाने की सराहना की।
चेयरपर्सन सोमवार राठी ने जानकारी में बताया कि नारकोटिक्स एनॉनिमस (NA) उन स्त्री-पुरुषों की एक फ़ेलोशिप है जो नियमित रूप से मिलते हैं ताकि एक-दूसरे को नशामुक्त रहने और नशारहित जीवन जीने में मदद कर सकें। ये स्वयं-सहायता समूह लगभग 70 वर्ष पहले शुरू हुए थे। आज NA का विस्तार हो चुका है और 145 देशों में 77,000 से अधिक मीटिंग्स आयोजित होती हैं।
भारत में भी पिछले 30 से अधिक वर्षों से मीटिंग्स का नेटवर्क – प्रत्यक्ष रूप से और अब ऑनलाइन भी – निरंतर बढ़ रहा है। ये मीटिंग्स पूरी तरह नि:शुल्क हैं और आयु, लिंग या सामाजिक-आर्थिक स्थिति के भेदभाव के बिना सभी के लिए खुली हैं। NA की प्रस्तावना के अनुसार, NA मीटिंग में शामिल होने की एकमात्र शर्त है – 'नशा छोड़ने की इच्छा'। जानकारी में बताया कि पहले दिन सभी रहने के सदस्यों ने अपने-अपने अनुभव और विचार व्यक्त किये और नशा मुक्ति जीवन जीने के तरीके बताएं।

