ललित कुंज आश्रम में भक्ति का संगम: धूमधाम से मनाया गया स्वामी सरस देव जू महाराज का 473वां आविर्भाव महोत्सव, संतों ने दी श्रद्धांजलि
वृंदावन (विष्णु मित्तल)। नगर के परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर स्वामी श्री हरिदास जी महाराज की परंपरा के महान आचार्य स्वामी सरस देव जू महाराज का 473वां आविर्भाव महोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ आयोजित किया गया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए संत-महंतों एवं भगवताचार्यों ने हिस्सा लेकर स्वामी सरस देव जू महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।
कार्यक्रम के शुभारंभ में ललित कुंज आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने पधारे सभी संत-महंतों का पटका और माला पहनाकर भावभीना स्वागत किया।
सरस देव जू महाराज की रचनाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत: स्वामी राधाप्रसाद
समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज ने कहा कि स्वामी सरस देव जू महाराज ने अपनी साधना, भक्ति और विद्वत्ता के माध्यम से आध्यात्मिक जगत में अमूल्य योगदान दिया। उनके द्वारा रचित अनेक ग्रंथ आज भी भक्तों को भक्ति और अध्यात्म का मार्ग दिखाते हैं। ऐसे महापुरुषों का आविर्भाव महोत्सव मनाना उनकी महान विरासत को अक्षुण्ण रखने और नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज का जन्मोत्सव भी मनाया
महोत्सव का उल्लास उस समय दोगुना हो गया जब संत सेवी एवं गौसेवी महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज का जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। आचार्य अनमोल शास्त्री महाराज ने बताया कि शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर ही महंत जी का जन्मदिवस पड़ता है। इस अवसर पर उपस्थित संत-महंतों व अनुयायियों ने उन्हें पगड़ी, माला, पटका, शॉल एवं चांदी का मुकुट पहनाकर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस संयुक्त एवं भव्य आयोजन के दौरान महामंडलेश्वर सत्यानंद सरस्वती अधिकारी गुरु महाराज, महंत चंद्रमा दास महाराज, बिहारी लाल वशिष्ठ, मनोज मोहन शास्त्री, सौरव गौड़, मुकेश सारस्वत, योगेश द्विवेदी, वैभव अग्रवाल, सतीश बघेल, श्रीदास प्रजापति, योगेश गर्ग, आयुष मित्तल, हनी मित्तल, यश मित्तल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

