बहुमत के बाद भी डर! सीकर में कल 'कुर्सी' की जंग: बाड़ेबंदी में कैद पार्षद, क्रॉस वोटिंग की आशंका पर टिकी कांग्रेस की सांसें
सीकर में 'कुर्सी' का काउंटडाउन: बहुमत के बावजूद कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खौफ, BJP का जोड़-तोड़ वाला मास्टरस्ट्रोक तैयार!
सीकर नगर परिषद में सभापति पद की कुर्सी के लिए बिसात बिछ चुकी है। कल यानी 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग होगी और इसके तुरंत बाद काउंटिंग के साथ नए 'शहर सरकार' का चेहरा साफ हो जाएगा। चुनावी नतीजे आने से ठीक पहले कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने पार्षदों की किलेबंदी मजबूत कर दी है। जो एकाध पार्षद अब तक बाहर थे, उन्हें भी शनिवार दोपहर बाद बाड़ेबंदी में खींच लिया गया है।
38 सीटों वाली कांग्रेस को 'क्रॉस वोटिंग' का डर गणित के हिसाब से देखें तो कांग्रेस 38 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े से 5 सीट आगे खड़ी है। वहीं भाजपा के पास 22, निर्दलीय 4 और आरएलपी (RLP) के खाते में 1 पार्षद है। कागज पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है, लेकिन अंदरूनी गुटबाजी और 'क्रॉस वोटिंग' का खौफ इस कदर हावी है कि पार्टी अपने ही पार्षदों पर भरोसा नहीं कर पा रही। दूसरी तरफ, महज 22 सीटें जीतने वाली बीजेपी जोड़-तोड़ की राजनीति के सहारे बड़ा उलटफेर करने की ताक में है। कांग्रेस ने चौथी बार पार्षद बनीं खतीजा बानो को मैदान में उतारा है, तो बीजेपी ने कंचन पर अपना दांव खेला है।
परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, जुलूस निकाला तो होगी जेल चुनावी गहमागहमी और तनाव को देखते हुए सीकर नगर परिषद परिसर को छावनी में बदल दिया गया है। 1 एएसपी और 6 इंस्पेक्टरों की अगुवाई में 100 से ज्यादा पुलिस जवानों का कड़ा पहरा रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि चुनाव जीतने के बाद कोई भी प्रत्याशी विजय जुलूस नहीं निकाल सकेगा—नियम तोड़ा तो सीधा एक्शन होगा।
22 सितंबर को उपसभापति का इम्तिहान कल सभापति का फैसला होने के ठीक अगले दिन, यानी 22 सितंबर को उपसभापति का चुनाव होगा। इसके लिए सुबह 11 बजे पर्चा भरा जाएगा और दोपहर 2:30 बजे से 5 बजे तक (जरूरत पड़ने पर) वोटिंग कराई जाएगी। फिलहाल, सभी की नजरें कल की वोटिंग और बाड़ेबंदी से सीधे पोलिंग बूथ पहुंचने वाले पार्षदों के रुख पर टिकी हैं।

