श्रीनाथजी मंदिर में श्रावण कृष्ण चतुर्थी पर अलौकिक श्रृंगार: ललिताजी के भाव में विराजे प्रभु, दर्शन को उमड़े वैष्णव
श्रीनाथजी मंदिर में श्रावण कृष्ण चतुर्थी पर अलौकिक श्रृंगार, रजत हिंडोलने में विराजे श्रीमदनमोहन लालजी
नाथद्वारा। श्रावण कृष्ण चतुर्थी के पावन अवसर पर पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर में ठाकुरजी का अलौकिक एवं भावपूर्ण श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आज प्रभु का श्रृंगार श्री ललिताजी के भाव के अनुरूप पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया।
इस अवसर पर श्रीनाथजी को हरी मलमल का सुनहरी पठानी किनारी युक्त पिछोड़ा और सुनहरी जरी की छज्जेदार पाग धारण कराई गई। प्रभु के मस्तक पर जमाव का कतरा, सुनहरी लूम, तुर्री और शीशफूल की दिव्य शोभा देखते ही बन रही थी।
माणक आभूषण और कमलमाला से निखरी छवि
ठाकुरजी के श्रृंगार में माणक एवं स्वर्णाभूषणों के साथ कमलमाला, पुष्पमालाएं और लाल मीना के वेणु-वेत्र शामिल रहे। श्याम रंग के ठाड़े वस्त्रों में प्रभु की मनमोहक छवि ने सभी का मन मोह लिया।
कमल चौक में झूले श्रीमदनमोहन लालजी
संध्या आरती के समय मंदिर के कमल चौक में श्रीनाथजी के प्रतिनिधि स्वरूप श्रीमदनमोहन लालजी को रजत (चांदी के) हिंडोलने में विराजित कर श्रद्धापूर्वक हिंडोला झुलाया गया। श्रावण मास की इस दिव्य झांकी और अलौकिक दर्शन के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में आए वैष्णव श्रद्धालु प्रभु की एक झलक पाकर भावविभोर हो उठे।

