प्रतापगढ़ के बरोठा बिरसा मुंडा का झंडा हटाने पर विरोध:26 अगस्त को होगा महाचिंतन शिविर, असामाजिक तत्वों पर लगाया आरोप
प्रतापगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बरोठा में बिरसा मुंडा के झंडे को हटाने और जलाने के मामले को लेकर आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों में गहरा आक्रोश है। इस घटना के विरोध में 26 अगस्त को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और आदिवासी परिवार के बैनर तले एक जिला स्तरीय महाचिंतन शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसी दिन बिरसा मुंडा का झंडा दोबारा लगाने की भी घोषणा की गई है। घटना की निंदा की घटना के बाद हुई बैठक में भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मांगीलाल निनामा ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा देश के महान स्वतंत्रता सेनानी थे, और उनके झंडे को हटाना या जलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। निनामा ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आसामाजिक तत्वों पर नुकसान पहुंचाने का आरोप जिला संयोजक बद्री भगोरा ने बताया कि बरोठा में सभी समाज लंबे समय से सौहार्दपूर्ण ढंग से रहते आए हैं। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों के कारण यह विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है। जिला प्रवक्ता दिलीप खड़ा ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज ने कभी किसी दूसरे समुदाय के झंडे या बोर्ड को नुकसान नहीं पहुंचाया है। बिरसा मुंडा के झंडे को जलाने की घटना से जिलेभर के आदिवासी समाज में भारी नाराजगी है। बैठक के दौरान हथुनिया थाना पुलिस के सीआई सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस ने आपसी सहमति से मामले का समाधान निकालने का सुझाव दिया। हालांकि, ग्रामीणों और संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक झंडा दोबारा नहीं लगाया जाता, वे अपने निर्णय से पीछे नहीं हटेंगे। 26 अगस्त को होगा चिंतन शिविर संगठन ने यह भी कहा कि 26 अगस्त को महाचिंतन शिविर और झंडा लगाने का कार्यक्रम निर्धारित है। यदि इस तिथि से पहले झंडा दोबारा लगा दिया जाता है, तो संगठन बातचीत के लिए तैयार रहेगा। अन्यथा, तय कार्यक्रम के अनुसार महाचिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा।

