बाड़मेर निकाय चुनाव की बिसात:कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दलों में दावेदारों ने अपनी ताल ठोकी
बाड़मेर /राजस्थान
आगामी बाड़मेर नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दलों में दावेदारों ने अपनी ताल ठोकनी शुरू कर दी है। जहां एक ओर कांग्रेस कार्यालय में टिकटार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं बीजेपी ने कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर वार्डवार प्रभारियों के जरिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रमुख राजनीतिक दलों के दांव-पेच:
- कांग्रेस का चौथी बार बोर्ड का दावा: कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के अनुसार पार्टी ने इस बार डिजिटल स्कैनर के जरिए भी आवेदन स्वीकार किए हैं। बाड़मेर नगर परिषद के लिए विशेष चुनाव कमेटी गठित की गई है जो सभी आवेदनों की स्क्रूटनी और विचार-विमर्श के बाद प्रत्याशी तय करेगी। कांग्रेस शहर में लगातार चौथी बार बोर्ड बनाने का दावा कर रही है।
- बीजेपी का करप्शन पर हमला: संभाग सह-प्रभारी सी.आर. चौधरी और बीजेपी जिला महामंत्री महावीर सिंह चूली ने कांग्रेस के पिछले 15 साल के बोर्ड पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में विफलता के आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि वे इस बार समर्पित, जिताऊ और टिकाऊ कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं के अनुभव का तालमेल बिठाकर अपना बोर्ड बनाएंगे।
लॉटरी के बाद बदला वार्डों का गणित:
नगर परिषद की नई आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया के बाद सभी 55 वार्डों के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं:
- सीटों का वर्गीकरण: कुल 55 वार्डों में 35 सीटें सामान्य, 11 ओबीसी, 8 एससी और 1 सीट एसटी के लिए आरक्षित की गई है।
- महिला आरक्षण: कुल 55 में से 19 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
- उम्मीदवारों की स्थिति: आरक्षण परिवर्तन के चलते जहां बीजेपी में पुराने चेहरों के चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं, वहीं कांग्रेस में दो दर्जन से अधिक पुराने उम्मीदवार दोबारा मैदान में उतरने की दौड़ में हैं।
(नगरनिकाय चुनावों से जुड़े आधिकारिक दिशा-निर्देशों व अधिसूचनाओं के लिए नागरिक राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर जा सकते हैं।)

