दिव्यांग एवं निर्धन बेटियों के सुखद भविष्य के लिए नारायण सेवा संस्थान की अनुकरणीय पहल
उदयपुर (कमलेश जैन) भारतीय सनातन संस्कृति में विवाह को दो आत्माओं और दो परिवारों का पवित्र मिलन माना गया है। समाज में किसी निर्धन या दिव्यांग कन्या का सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराना केवल सामाजिक उत्तरदायित्व ही नहीं, बल्कि महान पुण्य का कार्य है। इसी दिव्य और परोपकारी भावना को साकार करते हुए 'नारायण सेवा संस्थान' द्वारा आगामी 19 एवं 20 सितंबर 2026 को दो दिवसीय भव्य 47वें निःशुल्क दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन उन असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है, जिनके लिए विषम परिस्थितियाँ विवाह जैसे पावन संस्कार को कठिन बना देती हैं। संस्थान विगत कई वर्षों से ऐसे जोड़ों के जीवन में आशा, सम्मान और नए भविष्य का शुभारंभ करता आ रहा है।
- मात्र ₹101 के शुभ शगुन से बनें पुण्य के सहभागी
नारायण सेवा संस्थान ने आमजन से दिव्यांग एवं निर्धन बेटियों के वैवाहिक जीवन में खुशियां भरने के लिए इस पावन यज्ञ में सहयोग की अपील की है। धर्मप्रेमी और दानदाता केवल ₹101 का शुभ शगुन अर्पित कर इस पुण्यदायी कार्य के सहभागी बन सकते हैं। आपका यह छोटा सा प्रयास किसी बेटी के जीवन में सम्मान का दीप प्रज्वलित कर सकता है।

