करौली में बीमारी और तनाव ने छीनीं खुशियां: सामूहिक जहरखुरानी, माता-पिता और बड़े बेटे की मौत; छोटा बेटा लड़ रहा जिंदगी की जंग
करौली। राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा उपखंड क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बालोती गांव में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से विषैला पदार्थ (जहर) गटक लिया। हादसे में पति, पत्नी और उनके बड़े बेटे की मौत हो गई, जबकि छोटे बेटे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक जांच में घटना की वजह छोटे बेटे की लंबी बीमारी और उससे उपजा गहरा मानसिक तनाव (डिप्रेशन) बताया जा रहा है।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, बालोती निवासी रामदयाल बैरवा (45), उनकी पत्नी राजबाई (40), बड़ा बेटा लक्ष्मीनारायण (25) और छोटा बेटा विजयराज बैरवा (23) ने सुबह अचानक जहर पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने तुरंत सभी को सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें गंगापुर सिटी और फिर जयपुर रेफर कर दिया गया।
दुर्भाग्यवश, गंगापुर सिटी से जयपुर जाते समय रास्ते में ही राजबाई और बड़े बेटे लक्ष्मीनारायण की मौत हो गई। वहीं, रामदयाल बैरवा ने जयपुर पहुंचने से ठीक पहले दम तोड़ दिया। छोटे बेटे विजयराज का जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
छोटे बेटे की बीमारी से डिप्रेशन में था परिवार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कैलादेवी डीएसपी मीना मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतराम मीणा और थानाधिकारी अभिजीत कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया।
"प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार का छोटा बेटा विजयराज लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहा था। बेटे के इलाज और उसकी स्थिति को लेकर पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव में था। इसी डिप्रेशन के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।"
— मीना मीणा, डीएसपी (कैलादेवी)
गांव में मातम का माहौल
घटना के बाद से ही बालोती गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। राजबाई और लक्ष्मीनारायण के शवों को सपोटरा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है, जबकि रामदयाल का शव जयपुर में रखा गया है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों की पूरी कड़ी जोड़ी जा सके।


