सीकर में उधारी चुकाने के नाम पर खाते में डाले 'साइबर फ्रॉड' के पैसे; बैंक अकाउंट पर लगा होल्ड, पंप संचालक के खिलाफ FIR
सीकर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप मालिक अविनाश ओला पर उधार वापस करने के नाम पर साइबर फ्रॉड के ₹1 लाख बैंक खाते में ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। जानिए पूरा मामला।
सीकर (राजस्थान)। सीकर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला साइबर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला सामने आया है। जयपुर-झुंझुनूं बायपास स्थित 'एसके इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप' के संचालक पर आरोप लगा है कि उसने उधारी के ₹1 लाख वापस चुकाने के नाम पर पीड़ित के रिश्तेदार के खाते में साइबर फ्रॉड की अवैध रकम ट्रांसफर करवा दी। इसके चलते पीड़ित का बैंक अकाउंट अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा पुलिस द्वारा फ्रीज (होल्ड) कर दिया गया है।
पीड़ित की शिकायत पर उद्योग नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
- पीड़ित का पद: कुड़ली गांव (सीकर) निवासी सागरमल ओला, जो वर्तमान में जलदाय विभाग (PHED) में सहायक अभियंता (AEN) के पद पर कार्यरत हैं।
- भतीजे का खाता फ्रीज: सागरमल के भतीजे रजनीश ओला, जो LIC में सहायक प्रशासनिक अधिकारी (AAO) हैं, का बैंक खाता इस फ्रॉड के कारण बंद हो गया।
- आरोपी: कुड़ली गांव का ही निवासी अविनाश ओला, जो जयपुर-झुंझुनूं बायपास रोड पर 'एसके इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप' चलाता है।
- अकाउंट फ्रीज की लोकेशन: अरुणाचल प्रदेश, पुणे (महाराष्ट्र) और फरीदाबाद (हरियाणा) से मिली शिकायतों के आधार पर खाते पर होल्ड लगाया गया।
5 अप्रैल को लिया था ₹1 लाख का उधार
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, सागरमल ओला अक्सर अविनाश के पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में ईंधन भरवाने जाते थे, जिससे दोनों के बीच जान-पहचान हो गई थी।
- 5 अप्रैल 2026: अविनाश ने अर्जेंट जरूरत का हवाला देते हुए सागरमल से ₹1 लाख मांगे और अगले ही दिन लौटाने का वादा किया।
- सागरमल ने मदद करते हुए अपने कार्ड से स्वैप करके यह राशि अविनाश के छोटे भाई अनुराग ओला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।
उधारी वापस मांगने पर रचा साइबर फ्रॉड का खेल
जब अगले दिन सागरमल ने अपने ₹1 लाख वापस मांगे, तो आरोपी अविनाश ने कहा कि वह उनके बैंक अकाउंट में सीधे पैसे ट्रांसफर कर देगा। इस पर सागरमल ने अपने भतीजे रजनीश (AAO, LIC) की बैंक डिटेल्स उसे दे दीं।
6 अप्रैल 2026 को अविनाश ने ₹1 लाख ट्रांसफर कर दिए। लेकिन कुछ ही समय बाद रजनीश का बैंक खाता होल्ड हो गया। जांच करने पर पता चला कि जो ₹1 लाख खाते में भेजे गए थे, वे सीधे साइबर क्राइम (Cyber Crime) के जरिए ठगे गए पैसे थे।
तीन राज्यों की पुलिस ने एक्शन में लगाया होल्ड
साइबर क्राइम ट्रैकिंग (NCPCR / Cyber Helpline) के तहत जांच में सामने आया कि इस अवैध लेनदेन के तार तीन अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं:
- अरुणाचल प्रदेश
- पुणे (महाराष्ट्र)
- फरीदाबाद (हरियाणा)
इन जगहों पर दर्ज साइबर शिकायतों के आधार पर ही रजनीश के खाते को संदिग्ध मानते हुए होल्ड किया गया।
परिजनों ने झाड़ा पल्ला, पुलिस में FIR दर्ज
खाता होल्ड होने के बाद जब सागरमल ने आरोपी अविनाश ओला, उसके भाई अनुराग ओला और पिता सुरेश ओला से बात की, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और जिम्मेदारी लेने से मुकर गए। परेशान होकर पीड़ित ने उद्योग नगर थाना (सीकर) में लिखित रिपोर्ट दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है और पेट्रोल पंप संचालक के वित्तीय लेन-देन तथा साइबर पुलिस की रिपोर्ट खंगाली जा रही है।

