भू-माफियाओं के अवैध धंधे पर नगर परिषद की सर्जिकल स्ट्राइक, बुलडोजर से जमींदोज किए अवैध मकान
जैसलमेर/ राजस्थान
जैसलमेर शहर के गफूर भटा क्षेत्र में गुरुवार को नगर परिषद की टीम ने भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक बड़ा अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। इस दौरान पार्क के लिए आरक्षित और नगर परिषद के स्वामित्व वाली बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बनाए गए हालिया कच्चे-पक्के निर्माणों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
???? कबाड़ का कारोबार और जमीनों की अवैध बिक्री पर लगाम
नगर परिषद के राजस्व अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि गफूर भटा क्षेत्र में पार्क के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्व अवैध रूप से कबाड़ का कारोबार चला रहे थे।
इतना ही नहीं, रातों-रात कच्चे-पक्के मकान बनाकर भोले-भाले लोगों को बेचने का काला धंधा भी जारी था। नगर परिषद की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाल ही में बने 5 से 7 नए अवैध मकानों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
???? मानवीय दृष्टिकोण: पुराने परिवारों को मोहलत, जमीन पर बनेगा सुंदर पार्क
राजस्व अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से रह रहे पुराने परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें तुरंत नहीं हटाया गया है, बल्कि नियमानुसार शिफ्टिंग के लिए समय दिया गया है।
"यह पूरी जमीन राजस्व रिकॉर्ड में पार्क के लिए आरक्षित है। नगर परिषद भविष्य में इसे एक सुंदर पार्क के रूप में ही विकसित करेगी। यहां किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
— पवन कुमार (राजस्व अधिकारी, नगर परिषद)
❌ विस्थापितों के नाम पर फर्जी दावों पर नगर परिषद का करारा जवाब
पाकिस्तान से आए विस्थापितों के नाम पर कब्जा जमाए जाने के दावों को खारिज करते हुए राजस्व अधिकारी ने स्थिति पूरी तरह साफ की:
-
भील बस्ती में पुनर्वास: पाक विस्थापितों के रहने के लिए भील बस्ती में पहले से ही पूरी आवासीय व्यवस्था की जा चुकी है, जहां वे रह रहे हैं।
-
99% पट्टे जारी: 1998 और 2004 के सर्वे के आधार पर लगभग 99 फीसदी पात्र लोगों को पट्टे दिए जा चुके हैं या वे अपनी भूमि बेच चुके हैं।
-
दोबारा कब्जे का आधार नहीं: एक बार जमीन बेचने के बाद पुराने सर्वे का हवाला देकर नई जगहों पर दोबारा कब्जा करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।

