बूंदी पुलिस और मानवता की मिसाल: एक महीने से लापता उत्तर प्रदेश के विमंदित युवक को परिजनों से मिलाया, पेट्रोल पंप संचालक की सतर्कता आई काम
बूंदी में खाकी का मानवीय चेहरा: नमाना थाना पुलिस ने भटके हुए विमंदित युवक को ढूंढा, एक महीने बाद परिवार से हुआ मिलन
बूंदी: नमाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महीने से लापता चल रहे एक विमंदित युवक को उसके परिजनों से सकुशल मिलाकर मानवता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले का रहने वाला यह युवक ट्रेन से भटकते हुए बूंदी पहुंच गया था और पिछले एक महीने से इधर-उधर घूमकर तथा लोगों से मांगकर अपना गुजारा कर रहा था।
पेट्रोल पंप संचालक की सतर्कता से सामने आया मामला
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब नमाना के एक पेट्रोल पंप संचालक चमकौर सिंह को क्षेत्र में एक लावारिस और विमंदित युवक भटकता हुआ दिखाई दिया। युवक की मानसिक स्थिति और उसकी दयनीय हालत को भांपते हुए संचालक ने उससे बात की और तुरंत इसकी सूचना नमाना थाना पुलिस को दी।
पूछताछ में खुली पहचान और मोबाइल नंबर से मिला सुराग
सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल कपिल साहरण मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित थाने लेकर आए। थाने में जब प्यार से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी पहचान सुदेश चौधरी, पुत्र दीवान सिंह, निवासी चांदपुर (थाना भागलपुर, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। युवक ने बताया कि वह ट्रेन में बैठकर बूंदी आ गया था और पिछले एक महीने से यहीं भटक रहा था।
युवक द्वारा बताए गए कुछ मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसके परिजनों से संपर्क किया। खबर मिलते ही परिजन तुरंत नमाना थाने पहुंचे और युवक की सही सलामत शिनाख्त की। उन्होंने बताया कि सुदेश के घर से गायब होने के बाद एक महीने पहले भागलपुर थाने में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन लगातार तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
औपचारिकताएं पूरी कर परिजनों को सौंपा गया युवक
पुलिस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे मानवीय प्रयास में स्थानीय निवासी जितेंद्र मेवाड़ा ने भी महत्वपूर्ण सहयोग निभाया। अपने बिछड़े हुए बेटे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने नमाना पुलिस तथा मदद करने वाले सभी नागरिकों का दिल से आभार व्यक्त किया।

