पर्युषण पर्व के आठवें दिन संवत्सरी पर्व मनाया गया; आत्मा का लेखा जोखा करना ही संवत्सरी हैः-मुनि संजय
उदयपुर (राजस्थान) महाप्रज्ञ विहार भुआणा उदमपुर में चातुर्मास प्रवासित मुनि संजय कुमार स्वामी ठाणा 3 के सानिध्य चल रहा पर्युषण पर्व आठवे दिन संवत्सरी के साथ ही सम्पन हुआ मुनिश्री ने कहाँ आत्मा का लेखा-जोखा करना ही संवत्सरी है इन दिनो मे तप, जप, स्वाध्याय एवं साधना अच्छी होती है यदि मनुष्य गुस्सा व नशा छोड देवे तो उसका जीवन सफल हो जायेगा चण्डीगढ के राज्यपाल गुलाबचंद कटारीया ने मुनि श्री के दर्शन कर आशीर्वाद लिया कटारीया ने कहाँ साल भर मे क्षमायाचना के दिन अपनी आत्मा का हीसाब किया जाता है व जिससे कोई मनमुटाव हो उससे खमत खामणा किया जाता है अपने द्वारा वर्ष भर में कोई गलती हुई होतो चारित्र आत्माओं से दंड लिया जा सकता है मुनि प्रकाश कुमार ने बताया कि महावीर भगवान ने जंगल मे साडे बारह वर्षों तक ध्यान मे किया जिसमे अनेको कष्ट सहन किये क्षमा मांगना व क्षमा देना वीरो का आभुषण है मुनि सिद्ध प्रज्ञ ने कहाँ जैनो का सबसे बडा त्योहार पर्युषण है संवत्सरी के दिन छोटे-छोटे बच्चे-बच्चीया भी उपवास करते है इस दिन सैकडो उपवास व पौसद किये है

