ब्यावर के अमृतकौर चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर: ब्लॉक कांग्रेस ने सरकार को दी 30 दिन की चेतावनी
ब्यावर। राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय (AKH) में व्याप्त अव्यवस्थाओं, चिकित्सकों की भारी कमी और मरीजों के साथ हो रही कथित लापरवाही को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर तत्काल उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पांच जिलों की उम्मीद, लेकिन हालात बदहाल
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह अस्पताल केवल ब्यावर ही नहीं, बल्कि अजमेर, पाली, राजसमंद, नागौर और भीलवाड़ा जिलों के लाखों गरीब मरीजों का मुख्य केंद्र है। बावजूद इसके, वर्तमान में यहाँ की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
⚠️ प्रमुख आरोप और अव्यवस्थाएं:
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विशेषज्ञों का अभाव: सर्जन, एनेस्थीसिया, गायनोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक, रेडियोलॉजिस्ट और पेडियाट्रिशियन जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके चलते प्रमुख ऑपरेशन बंद पड़े हैं और मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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ट्रॉमा सेंटर की दुर्दशा: दुर्घटना पीड़ित मरीजों को 8-8 घंटे तक विशेषज्ञों का इंतजार करना पड़ता है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ न होने से ऑपरेशन थिएटर (OT) भी प्रभावित हैं।
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मशीनों की कमी: अस्पताल में एमआरआई (MRI) मशीन नहीं है और पुरानी सीटी स्कैन मशीन बार-बार खराब हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भारी देरी हो रही है।
???? कांग्रेस की मुख्य मांगें:
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उच्चस्तरीय जांच: वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त समिति 7 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
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रिक्त पदों पर नियुक्ति: 15 दिनों के भीतर विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरा जाए।
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आधुनिक उपकरण: नई एमआरआई और आधुनिक सीटी स्कैन मशीन तुरंत स्थापित की जाए।
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24×7 सेवाएं: ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू और लेबर रूम को पूर्णकालिक संचालित किया जाए।
⚡ आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई और 30 दिनों में अस्पताल की स्थिति में सुधार नहीं दिखा, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजन के नेतृत्व में विशाल जनआंदोलन किया जाएगा और चिकित्सालय का घेराव किया जाएगा।


