24 कोसी परिक्रमा में अनूठी मिसाल: चिराना की भैरव घाटी पर लगा एकमात्र प्लास्टिक मुक्त भंडारा, 24 घंटे मिल रही सेवा
लोहार्गल 24 कोसी परिक्रमा: भैरव घाटी के पास लगा एकमात्र प्लास्टिक मुक्त भंडारा, 24 घंटे नींबू व विशुद्ध दूध की चाय से हो रही श्रद्धालुओं की सेवा
उदयपुरवाटी | सुमेर सिंह राव
तीर्थराज लोहार्गल की सुप्रसिद्ध मालकेतु बाबा की 24 कोसी परिक्रमा के दौरान अरावली की वादियों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थान-स्थान पर सेवा शिविर और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चिराना स्थित भैरव घाटी के नीचे सांवलोदा पुरोहितान निवासी प्रकाश ढाका एवं उत्तम जांगिड़ द्वारा लगाया गया भंडारा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण एवं सराहना का केंद्र बना हुआ है। यह आयोजन 24 कोसी परिक्रमा का एकमात्र प्लास्टिक मुक्त भंडारा है, जो आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का प्रेरक संदेश दे रहा है।
24 घंटे सेवा और विशेष नींबू चाय का स्वाद
इस भंडारे में परिक्रमार्थियों को बिना किसी शुल्क के 24 घंटे सेवाएं दी जा रही हैं। यहाँ श्रद्धालुओं को तरोताजा करने के लिए स्पेशल नींबू की चाय, घर के शुद्ध गाय-भैंस के दूध से निर्मित चाय और नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। भंडारा स्थल पर प्लास्टिक के डिस्पोजल व कपों के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज करते हुए स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है।
सामाजिक समरसता और पर्यावरण का संदेश
आयोजक प्रकाश ढाका एवं उत्तम जांगिड़ ने बताया कि वे जातिवाद व सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर हर वर्ष विभिन्न धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में संयुक्त रूप से सेवाएं देते आ रहे हैं। भैरव घाटी के नीचे यह उनका दूसरा वार्षिक भंडारा है। उनका मुख्य उद्देश्य परिक्रमार्थियों की निःस्वार्थ सेवा के साथ-साथ प्रकृति को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त रखना है।
दिन-रात सेवा में जुटे कार्यकर्ता
भंडारा व्यवस्था को सुचारु एवं स्वच्छ बनाए रखने में राजू ढाका, रंजीत ढाका, सरपंच प्रतिनिधि धनेश ढाका, विजेंद्र खोकर, हरि बक्श सरण, हरिराम ढाका, सुनील ढाका, श्रवण निमेल, गोपाल कुमावत सहित अनेक कार्यकर्ता 24 घंटे मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धालुओं के खान-पान के साथ-साथ परिसर की निरंतर सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

