वैर क्षेत्र के भौंड़ा गांव की पहाड़ी बनी चर्चा का विषय:125 हेक्टेयर की खान में मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका स्टोन की मौजूदगी, फिरोजाबाद से भिवाड़ी तक बताई जाती थी मांग

Oct 23, 2026 - 18:36
 0
वैर क्षेत्र के भौंड़ा गांव की पहाड़ी बनी चर्चा का विषय:125 हेक्टेयर की खान में मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका स्टोन की मौजूदगी, फिरोजाबाद से भिवाड़ी तक बताई जाती थी मांग

वैर/भरतपुर / कौशलेन्द्र दत्तात्रेय

वैर क्षेत्र के भौंड़ा गांव की वह पहाड़ी, जहां पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की खान थी, लंबे समय से खनन कारोबार को लेकर चर्चा में रही है। इस पहाड़ी की अहमियत केवल मैसनरी स्टोन तक सीमित नहीं बताई जाती, बल्कि इसके नीचे बड़े पैमाने पर सिलिका स्टोन की मौजूदगी को भी इसकी आर्थिक महत्ता की प्रमुख वजह माना जाता है। करीब 125 हेक्टेयर में फैली इस लीज को क्षेत्र की सबसे चर्चित खानों में गिना जाता रहा है।

​10 से 20 मीटर की गहराई पर सिलिका की परत

​खनिज विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका की परत मौजूद है। कुछ स्थानों पर करीब 10 मीटर की गहराई पर ही सिलिका मिलने की जानकारी है, जबकि अन्य हिस्सों में यह परत लगभग 20 मीटर या उससे अधिक गहराई पर मिलती है। हालांकि, इसके वास्तविक भंडार और गुणवत्ता का सटीक आकलन विभागीय सर्वेक्षण एवं तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

​कांच उद्योग के लिए बेहद अहम है सिलिका स्टोन

​सिलिका स्टोन (सिलिकॉन डाइऑक्साइड) कांच उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बोतलें, शीट ग्लास और विभिन्न औद्योगिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसकी व्यावसायिक कीमत इसकी मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता और शुद्धता पर निर्भर करती है। विशेष रूप से कम अशुद्धियों (जैसे लोहा) वाली सिलिका को कांच उद्योग में अधिक उपयोगी और कीमती माना जाता है।

​अधिकारी के अनुसार, भौंड़ा की पहाड़ी में सिलिका की मौजूदगी इसे सामान्य पत्थर की खानों से अलग पहचान देती है, जिसके चलते खनन कारोबारियों के बीच इसकी आर्थिक संभावनाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा रही है।

​फिरोजाबाद से भिवाड़ी तक पहुंचता था कच्चा माल

​सूत्रों के मुताबिक, भौंड़ा की खान से निकलने वाला सिलिका स्टोन फिरोजाबाद, अलवर, रुड़की, भिवाड़ी सहित कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों तक भेजा जाता था। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संचालित कांच व अन्य औद्योगिक गतिविधियों के कारण सिलिका आधारित कच्चे माल की लगातार मांग बनी रहती है।

​मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका की मौजूदगी और औद्योगिक क्षेत्रों तक इसकी आपूर्ति ने इस खान के व्यावसायिक महत्व को काफी बढ़ा दिया है। भौंड़ा की यह पहाड़ी इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि किसी खनन क्षेत्र की वास्तविक अहमियत केवल ऊपर दिखाई देने वाले पत्थर से नहीं, बल्कि जमीन के नीचे छिपी खनिज संपदा और उसके औद्योगिक उपयोग से तय होती है।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी [email protected] या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................