डीग में मिलावटी पनीर के दो प्लांट पर बड़ा छापा: 1800 किलो नकली पनीर नष्ट, 2 आरोपी गिरफ्तार
डीग (24 अक्टूबर) नीरज जैन
त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ डीग पुलिस, जिला डीएसटी और खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। कैथवाड़ा थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए इस छापेमारी अभियान में 1800 किलो संदिग्ध/मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा भारी मात्रा में पामोलीन तेल, सोयाबीन तेल, एसएमपी पाउडर और एक पिकअप वाहन जब्त कर दोनों प्लांट सील कर दिए गए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशन में हुई इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
1. जाजमका में पहली कार्रवाई: 1600 किलो पनीर नष्ट
पहली कार्रवाई गांव जाजमका में शरीफ मेव के मकान के पास संचालित 'मकसूद की डेयरी' पर हुई। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब संयुक्त टीम ने दबिश दी, तो मौके पर भारी मात्रा में मिलावटी पनीर और सामग्री तैयार मिल।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से मुनीम साहिल (30) पुत्र इस्लाम, निवासी गढ़ी झील पट्टी को गिरफ्तार किया।
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कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह ने पनीर, पामोलीन तेल और एसएमपी पाउडर के सैंपल लिए और करीब 1600 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। छापे के दौरान कुछ लोग फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
2. मांची के जंगल में दूसरी कार्रवाई: 200 किलो पनीर और कच्चा माल जब्त
दूसरी कार्रवाई मांची के जंगल में धर्मशाला गांव के पास स्थित 'अयूब की डेयरी' पर की गई।
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गिरफ्तारी: यहां से मुनीम अल्ली उर्फ अलीजान (40), निवासी ओलंदा को गिरफ्तार किया गया।
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बरामदगी: मौके से करीब 200 किलो पनीर, 18 कट्टे एसएमपी पाउडर, 3 कट्टे मशीन क्लीन पाउडर, 11 पीपे रिफाइंड पामोलीन तेल और 2 पीपे सोयाबीन तेल बरामद किए गए।
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पुलिस ने माल सप्लाई में इस्तेमाल होने वाला पिकअप वाहन (RJ 05 GC 1551) भी जब्त कर लिया और सैंपल लेने के बाद पनीर नष्ट करवाया।
चार राज्यों में फैला था नेटवर्क!
प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी सोयाबीन तेल, रिफाइंड पामोलीन और एसएमपी पाउडर के घातक मिश्रण से नकली पनीर तैयार कर रहे थे। यह पनीर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश (UP) तक सप्लाई किया जा रहा था।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज:
दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 272, 274 और 110 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 48 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार मुख्य आरोपियों व अन्य सहयोगियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

