वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग सख्त बिना वैध पीयूसी प्रमाण-पत्र वाले 6568 वाहनों के किये चालान
भरतपुर/ कोशलेन्द्र दत्तात्रेय / 24 अक्टूबर। जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संचालित प्रदूषण जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अभय मुद्वगल द्वारा परिवहन निरीक्षकों की ड्यूटी लगाकर 10 प्रदूषण जांच केंद्रों का निरीक्षण करने तथा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि परिवहन निरीक्षक नीतू सिंह एवं जगदीश मीना द्वारा वाहन स्वामियों तथा सार्वजनिक स्थानों पर आमजन को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र, परिवर्तन स्कीम एवं नो पीयूसी, नो फ्यूल जैसी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। आमजन को वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र बनवाने तथा निर्धारित नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई के तहत दिनांक 1 से 23 अक्टूबर तक बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के संचालित कुल 6,568 वाहनों के चालान बनाए गए। यह कार्रवाई जिले में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वाहन चालकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से की गई है। इसके अतिरिक्त, जिले में संचालित 546 डीजल ऑटो रिक्शा के पंजीयन प्रमाण-पत्र (आरसी) निलंबित करने की प्रक्रिया के तहत वाहन स्वामियों को दिनांक 23 अक्टूबर 2026 को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में संचालित जीवन-अवधि समाप्त (एंड-ऑफ-लाइफ) वाहनों की जानकारी संकलित करने के लिए यातायात पुलिस को भी पत्र प्रेषित किया गया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। परिवहन विभाग द्वारा वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वैध रखें, यातायात एवं पर्यावरण संबंधी नियमों की पालना करें तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने के लिए आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

