गुरला में लोकतंत्र का महाउत्सव: सरपंच पद के लिए 9 दावेदारों ने भरा हुंकार, ढोल-नगाड़ों और रैलियों से गूंजा पूरा गांव
चौपाल से खेत-खलिहान तक चुनावी रंग: मंदिरों में माथा टेक प्रत्याशियों ने निकाला विशाल शक्ति प्रदर्शन; महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
गुरला (भीलवाड़ा)
भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुरला में पंचायती राज चुनाव को लेकर चुनावी माहौल अपने शबाब पर पहुंच गया है। शुक्रवार को गुरला ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल 9 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन दाखिल करने के साथ ही गांव की चौपालों से लेकर खेतों और चाय की थड़ियों तक सिर्फ और सिर्फ पंचायत चुनाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ढोल-नगाड़ों की थाप और रैलियों के साथ नामांकन
सुबह से ही ग्राम पंचायत कार्यालय के बाहर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। प्रत्याशी समर्थकों के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते नामांकन दाखिल करने पहुंचे।
गुरला की धार्मिक परंपरा के अनुसार, नामांकन के बाद सभी प्रत्याशियों ने गांव के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की और फिर विशाल रैलियां निकालकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में झंडे-बैनर लिए युवा, सिर पर पल्लू डाले महिलाएं और आशीर्वाद देते बुजुर्ग—पूरा गांव मेले जैसा रूप ले चुका था। घर-घर की छतों और गलियों से महिलाओं ने रैलियों पर पुष्पवर्षा कर प्रत्याशियों का स्वागत किया।
हर वर्ग की अपनी उम्मीदें, विकास बना सबसे बड़ा मुद्दा
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महिलाओं की हुंकार: रैलियों में महिलाओं की भागीदारी सबसे खास रही। ग्रामीण महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें गांव में शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें, बेहतर शिक्षा, अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र और महिला सशक्तिकरण के ठोस काम चाहिए।
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युवाओं की चाह: गांव के युवाओं ने कहा कि वे पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार, खेल मैदान, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और उच्च शिक्षा की सुविधाएं चाहते हैं।
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बुजुर्गों की सीख: गांव के वयोवृद्धों ने कहा कि गुरला में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। बुजुर्गों ने सभी प्रत्याशियों से चुनाव को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ लड़ने की अपील की।
कड़े सुरक्षा घेरे में शांतिपूर्ण संपन्न प्रक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया के लिए पुलिस जाब्ता हर चौराहे पर मुस्तैद रहा। पूरे दिन बिना किसी विवाद या गड़बड़ी के नामांकन कार्य संपन्न हुआ।

