खैरथल:नगर परिषद की नाकामी: बारिश ने खोली नालों के दावों की पोल, सड़कें बनीं गंदे पानी का दरिया
खैरथल (हीरालाल भूरानी)।
नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था के खोखले दावों की कलई शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश ने एक झटके में खोलकर रख दी। बारिश क्या आई, शहर के कई वार्डों की सड़कें नालों का रूप धारण कर गईं। नाली-नाले ओवरफ्लो होकर उफन पड़े और गंदा बरसाती पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया।
अतिक्रमण का खेल: जहाँ कभी नाले थे, वहाँ आज खड़े हैं मकान
स्थानीय वार्डवासियों ने नगर परिषद पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है। हर साल मानसून में शहर को जलभराव का दंश झेलना पड़ता है। शहर के कुप्रबंधन का आलम यह है कि पुराने और बड़े बरसाती नालों पर भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों ने धड़ल्ले से अतिक्रमण कर मकान और पक्के निर्माण खड़े कर लिए हैं। नगर परिषद ने इन नालों को मुक्त कराने के बजाय उन पर सड़कें बना दीं और बड़े नालों को संकरी नालियों में तब्दील कर दिया।
संपर्क पोर्टल भी बेअसर, हवा में उड़ रहे जनता के शिकायती पत्र
शहरवासियों का कहना है कि बदहाल सफाई और जल निकासी की इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को अनगिनत बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं। यहाँ तक कि 'राजस्थान संपर्क पोर्टल' पर भी दर्जनों शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। कागजी खानापूर्ति और सरकारी उदासीनता के चलते आज पूरा शहर नारकीय जीवन जीने को मजबूर है, जिससे जनता में गहरा आक्रोश पनप रहा है।
वार्डवासियों की दो टूक मांग:
वार्ड नंबर 15 के निवासियों ने अब जिला कलेक्टर से सीधा हस्तक्षेप करने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि:
निरंजन लाल सेक्रेटरी के मकान से लेकर दांतला पुरानी अनाज मंडी तक सड़क के दोनों तरफ तुरंत चौड़े, बड़े और गहरे बरसाती नालों का निर्माण कराया जाए।
अगर जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।

