मंथन स्पेशल स्कूल का वार्षिकोत्सव एवं मंथन फाउंडेशन का शपथ ग्रहण समारोह हुआ आयोजित

बहरोड़, (भारत कुमार शर्मा ) दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र में पिछले दस वर्षों से कार्यरत मंथन फाउंडेशन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित निशुल्क विद्यालय मंथन स्पेशल स्कूल का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया। वहीं अवसर पर मंथन फाउंडेशन की
बहरोड़ इकाई एवं नवगठित महिला बहरोड़ इकाई सदस्यों द्वारा शपथ ग्रहण की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत गणेशानंद जी महाराज द्वारा की गई वही मुख्य अतिथि के रूप में जिला क्रिकेट एसोसिएशन अलवर के अध्यक्ष उपस्थित रहे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट अभिषेक यादव ने अपनी उपस्थिति दी।
सहायक उपकरण वितरण - मंथन फाउंडेशन द्वारा चिन्हित कुल दस दिव्यांगों को चार व्हीलचेयर, दो श्रवण यंत्र, दो जोड़ी कैलिपर्स, एक बैसाखी एवं एक ब्लाइंड स्टिक प्रदान किए गए।
भामाशाह सम्मान - मंथन द्वारा संचालित गतिविधियों में सहयोग करने वाले भामाशाहों को दिव्यांग सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस शृंखला में डायमंड श्रेणी में तेरह, स्वर्ण श्रेणी में बारह एवं रजत श्रेणी में तीस भामाशाहों को सम्मानित किया गया।
दिव्यांगजन सम्मान -दिव्यांगता पर जीत प्राप्त कर उपलब्धि प्राप्त करने वाले दिव्यांग साथी जो हजारों लाखों दिव्यांग की प्रेरणा बने उनको भी सम्मानित किया गया इस क्रम में पैरा ओलंपिक खिलाड़ी हरीश दौसोदिया, डांस दीवाने फेम मोनिका भारती, मूलचंद यादव, बाबूलाल खर्रा आदि को सम्मान पत्र भेंट किए गए।
मुख्य उद्बोधन एवं अपील- इस अवसर पर मंथन की राष्ट्रीय सचिव डॉ० सविता गोस्वामी ने अपने उद्बोधन में संस्था द्वारा दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क विद्यालय व रिहैबिलिटेशन सेंटर संचालित है जिसके द्वारा क्षेत्र के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, रिहैबिलिटेशन, रोजगार प्रशिक्षण, सहायक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से जोड़कर स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने संस्था द्वारा प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था को किसी प्रकार का सरकारी, गैरसरकारी अथवा सीएसआर फण्ड प्राप्त नहीं है एवं अभी संस्था द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार 200 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा एवं 2000 से अधिक दिव्यांगों को रिहैबिलिटेशन सर्विसेज की आवश्यकता है। मगर भवन और फंड्स की कमी के चलते अभी सेवाओं का विस्तार कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने आए हुए अतिथियों एवं भामाशाहों से सरकारी, गैरसरकारी अथवा सीएसआर अनुदान प्राप्त करने में सहयोग प्रदान अपील की ताकि सामूहिक प्रयासो दिव्यांग सशक्तिकरण के प्रयासों को बल एवं गति दी जा सके।
शपथ ग्रहण - इस अवसर पर मंथन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० पीयूष गोस्वामी, राष्ट्रीय सचिव डॉ० सविता गोस्वामी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कर्मवीर यादव मीर, इकाई बहरोड़ के अध्यक्ष अमित कुमार यादव, सचिव डॉ० सौरभ गौड़, कोषाध्यक्ष रोहित जैन, चार्टर अध्यक्ष प्यारेलाल सैनी, एवं महिला इकाई बहरोड़ अध्यक्ष नेहा जैन, उपाध्यक्ष रेखा गोयल, सचिव रेणु गोयल, सहसचिव अमिता यादव, कोषाध्यक्ष चेतना यादव, सहकोषाध्यक्ष शीतल अग्रवाल सहित तीस सदस्यों ने दायित्व निर्वहन एवं मंथन कार्यकारिणी की शपथ ग्रहण की।
अतिथि सम्मान - क्षेत्र में विभिन्न कार्यरत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शौर्य चक्र विजेता शहीद अजीत सिंह की वीरांगना अनिता यादव को भी सम्मानित किया गया । साथ ही उमेश चंद शर्मा , रोहित मीणा, महेंद्र शर्मा , मुकेश यादव , संजय मीर, प्रशांत यादव , अमित शर्मा, राकेश जयपाल, सुनील यादव, विनय कुमार यादव, शिल्पा अग्रवाल इत्यादि को सम्मानित किया गया ।
अतिथि वचन- मोहित यादव ने मंथन द्वारा दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगता शारीरिक या बौद्धिक रूप से कमजोर होना नहीं वरन सोच से कमजोर होना है । यदि आपने ठान लिया तो हर चीज संभव है। मंथन स्पेशल स्कूल के बच्चों के हौसले निश्चित ही कबीले तारीफ़ है जिसका श्रेय स्टाफ समेत पूरी टीम को जाता है। दिव्यांग समाज का हिस्सा उनको उनके हिस्से का हक मिले हम सबकी जिम्मेदारी है।
अभिषेक यादव- दिव्यांगों को सही दिशा देने का प्रयास कर रहा है मंथन - विशेष शिक्षा एवं रिहैबिलिटेशन सर्विसेज का गांव और छोटे शहरों में मिल पाना बड़ा मुश्किल है वहीं जागरूकता की कमी के चलते बच्चों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। मंथन ग्रामीण इलाके के बच्चों को शिक्षा एवं रिहैबिलिटेशन की जो सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है निश्चित ही क़ाबिले तारीफ़ है जिसका सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगा है। मंथन द्वारा दिव्यांग बच्चों को सही दिशा देने का प्रयास दिया जा रहा है जो निश्चित ही इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य करेगा।
गणेशानंद - दीन दुखियों की सेवा से होती है सर्व सुखों की प्राप्ति दिव्यांगों के उत्थान के लिए समर्पित संस्था को सहयोग देने की अपील करते हुए महंत गणेशानंद ने कहा कि दीन दुखियों की सेवा से होती है सर्व सुखों की प्राप्ति होती है। आज के युग में समय की कमी हर व्यक्ति के पास होती है। जहाँ हम ख़ुद के बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पाते,वहीं संस्था द्वारा विभिन्न दिव्यांगता वाले बच्चों को निशुल्क शिक्षा एवं ट्रांसपोर्ट प्रदान किया जा रहा है ऐसे में हम तन से नहीं तो आर्थिक रूप से संस्था को मदद प्रदान कर सकते हैं । कार्यक्रम के अंत में मंथन संरक्षक कमलनयन शर्मा एवं वसंती यादव ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद दिया । कार्यक्रम में मंथन स्पेशल स्कूल के बच्चे स्टाफ समेत क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित रहे ।






