नौगांव और रामगढ़ के मामलों की समीक्षा के साथ सम्पन्न हुई अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन के कोर ग्रुप की बैठक

अलवर (कमलेश जैन) अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन के कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण मीटिंग आज मूंगसका में संपन्न हुई जिसमें नौगांव और रामगढ़ के मामलों की समीक्षा उपरांत प्रशासन से अपनी मांग फिर स्मरण कराने के साथ साथ कल से साइबर क्राइम प्रभावित 25 गांवों में एक जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
जिसके तहत गांव गांव, ढाणी ढाणी पहुंच कर इस तरह की घटनाओ पर रोकथाम के सामाजिक व सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। जमीनी हकीकत की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जाएगी और गांववार क्रिमिनल्स जो भी होंगे उन्हें चिन्हित कर समाज स्तर पर दण्डित करने के साथ-साथ उन्हें पुलिस प्रशासन के मार्फत अदालतों से वैधानिक तरीके से सजा दिलवाने की मुहिम भी चलाई जाएगी। कल सुबह इस अभियान की शुरुआत रामगढ़ थानान्तर्गत कोटा गांव से इंशाअल्लाह सुबह 9 बजे होगी।
जनजागरण के दौरान प्रशासन द्वारा कार्यवाई नहीं करने पर किए जाने वाले आंदोलन पर लोगों से विचार कर रुपरेखा और सहभागिता तैयार की जाएगी।
मामला चाहे एक माह पुराना मासूम बच्ची अलिस्बा की हत्या का हो या फिर 26 मार्च को निर्दोष साकिर खान की निर्मम पिटाई का हो, कार्रवाई करने के बजाय टाइम पास कर रही है अलवर पुलिस।
कौलाणी तेलियाबास केस में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद न तो मुल्जिम गिरफ्तार किए गए हैं और न ही कोई अनुवृत्ति कार्यवाई हुई है। आश्चर्य जनक बात तो यह है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नौगांव थाने के पुलिस कर्मियों को वहां से हटाया नहीं गया है। जो कि प्राथमिक स्तर की पहली मांग और जरूरत थी।
अब साकिर खान कोटा गांव के केस में 27 मार्च, 2025 को परिवाद एसपी ऑफिस पर पेश कर दिये जाने के बाद भी पुलिस, एफआईआर दर्ज करने के बजाय 28 मार्च के अखबार की खबर के प्रसंज्ञान पर आगे बढ़ना जाहिर कर पीड़ित की प्राथमिकी को इग्नोर कर रही है।
अलवर जिला प्रशासन से गुजारिश है कि दोनों ही मामलों में अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर, पीड़ितों को न्याय दिलाने की कृपा करें।
मीटिंग में पूर्व मंत्री नसरू खान, हाफिज ताहिर, शिफात मैनेजर, सरपू खान, जावेद खान ने अपने विचार रखे।






