पुष्टिकर स्कूल के पूर्व छात्र ने भेंट किया इन्वर्टर और प्रिण्टर

नागौर (मोहम्मद शहजाद)। श्री महर्षि जनार्दन गिरि पुष्टिकर माध्यमिक विद्यालय नागौर के पूर्व छात्र मुकेश सियोटा ने विद्यालय की जरूरत को देखते हुवे एक इन्वर्टर और एक प्रिंटर भेंट किया है। 1998 में स्कूल से पढ़कर निकले मुकेश वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश में बिल्डिंग मटेरियल का व्यवसाय करते हैं। गत पंद्रह अगस्त पर अपनी पूर्व स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होकर काफ़ी भावुक हुवे, मुकेश कुछ पुराने मित्रों उमा शंकर और शिव शंकर व्यास से मिलकर काकी ख़ुश हुवे और अपनी स्कूल के लिए कुछ करने की इच्छा ज़ाहिर की। कुछ दिन पहले वापस बात हुई और उन्होंने तुरंत ही साठ हज़ार रुपये की राशि स्कूल खाते में ट्रांसफर कर दी। बुधवार को मुकेश सपरिवार विद्यालय पधारे जहाँ उनके साथ उनके पिता भंवर लाल, माता मोहिनी देवी, पत्नी रिया का पूर्व अध्यक्ष गंगा प्रसाद व्यास, संस्थापक सदस्य और मार्गदर्शक घनश्याम लाल आचार्य, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य ठाकुर दत्त व्यास, कार्यकारिणी के व्यवस्थापक आनंद पुरोहित, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र बोहरा, सदस्य रेखा बोड़ा, उमा शंकर व्यास के साथ ही शाला के प्रधानाध्यापक महेन्द्र सिंह चारण और अध्यापिकाओं सरिता पुरोहित और ज्योति मुथा ने शॉल, साफा और माला पहना कर अभिनंदन किया। सबसे पहले भंवर लाल सियोटा ने जनार्दन गिरी जी महाराज के समक्ष दीप जलाकर और माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लिया।
सियोटा परिवार ने विद्यालय का अवलोकन भी किया और विकास कार्य और बच्चों की सहशैक्षणिक गतिविधियां देख काफ़ी खुश और रोमांचित हुवे। उन्होंने विद्यालय के सभी बच्चों को बिस्किट के पैकेट भी भेंट किए। मुकेश ने बच्चों के साथ अपने संस्मरण साझा करते हुवे अपने गुरुजनों को याद किया जिसमें भगवानदास पुरोहित को विशेष याद किया। उन्होंने कहा कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा इसी स्कूल से पूरी हुई, यहीं से शिक्षा के साथ संस्कार मिले जो प्रेरित करते हैं समाज के लिए कुछ करने के लिए और उन्हीं गुरुजनों के आशीर्वाद से कुछ योग्य बना और उनके दिए मार्गदर्शन और संस्कार के कारण ही कुछ कर पाता हूँ। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप भी जीवन में सफल होना और आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ अच्छा ज़रूर करना। इस अवसर पर व्यवस्थापक आनंद पुरोहित ने कहा कि किसी पिता के लिए सबसे गर्व का क्षण होता है जब उनका मान बेटे के कारण बढ़े, धन्य है वो माँ और पिता जी जिनके घर ऐसे सुपुत्र ने जन्म लिया वहीं मुकेश के पिता भँवर लाल ने संस्कारों का श्रेय विद्यालय के गुरुजनों को दिया। इस अवसर पर पूर्व छात्र और मुकेश के सहपाठी दिलीप कुमावत, मर्सी, चिया आदि भी उपस्थित थे।






