फूड लाइसेंस नहीं होने पर, निर्माण एवं विक्रय पर लगाई रोक

कोटपूतली-बहरोड़, 2 अप्रैल (भारत कुमार शर्मा) आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर एवं जिला कलक्टर के निर्देश पर 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत कार्रवाई कर मालिक के पास वैद्य खाद्य अनुज्ञा पत्र नहीं होने एवं साफ-सफाई संतोषजनक नहीं होने पर निर्माण एवं विक्रय पर रोक लगाई।
सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मांडन कस्बे की मावा भट्टी एवं गुप्ता मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया, इनके पास फूड लाइसेंस नहीं पाया गया जो रजिस्ट्रेशन दिखाया वो वर्ष 2015 मैं ही एक्सपायर हो गया था. यहां तैयार मावा एवं पनीर का सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिया गया.
संस्थान में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं होने पर फर्म को 15 दिवस में नोटिश देकर सुधार हेतु पाबंद कर अग्रिम आदेशों तक निर्माण एवं विक्रय पर रोक लगाई। अन्य गुप्ता मिष्ठान भंडार से बेसन लड्डू का सैंपल लिया गया. तीनों नमूनों को जांच हेतु लैब में भिजवाया जाएगा. जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के खिलाफ कारवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा ने बताया कि सभी खाद्य विक्रेताओं के पास अपना वैद्य लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. बिना लाइसेंस के किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ विक्रय करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जुर्माना एवं सजा का प्रावधान है।






