तीन दिवसीय गणगौर पर्व का नौटंकी के साथ हुआ समापन

लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन)राजस्थान एक ऐसा राज्य है। जहाँ मेलों और त्योहारों को इस प्रकार से मनाया जाता है जो क्षेत्र एवं राज्य की संस्कृति और यहां की परम्पराओं को कई रंगों से जोडती हैं। यहां की कला, संस्कृति, परंपराओं से जुड़ने का मौका देती हैं। यह कहना कहीं से भी गलत नहीं होगा कि उपखंड क्षेत्र सहित राजस्थान के मेले और त्यौहार यहां की भूमि में जीवन का संचार करती हैं। और चारों ओर आनंद के रंग बिखेरती हैं।
कस्बे में मेला, गणगौर तीन दिवसीय महोत्सव, हर वर्ष की भांति आदर्श कला मंडल एवं सार्वजनिक पुस्तकालय की ओर से नगर पालिका के सहयोग से प्रथम दिन गणगौरी माता की सवारी निकाली गई एवं अगले दिन राजा हरिश्चंद्र नाटक का मंचन पुरानी सब्जी मंडी के मैदान में किया गया। बीती रात्रि को अमर सिंह राठौड़ नाटक का मंचन किया गया। जिसे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने काफी सराहा
आदर्श कला मंडल के अध्यक्ष रवि कुमार शर्मा ने बताया कि ब्रज कला संस्थान मथुरा के कलाकारों ने प्राचीन संस्कृति को जीवित रखते हुए राजा हरिश्चंद्र नाटक एवं अमर सिंह राठौड़ नौटंकी के द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी । दर्शक भाव विभोर हो गये। गणगौर का पर्व लक्ष्मणगढ़ सहित निकटतम ग्राम जावली में भी हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संपन्न हुआ।






