सावधान! 14 मार्च को हल्के में न लेना, हो रहे हैं बड़े बदलाव: साल 2025 का पहला ग्रहण
लक्ष्मणगढ़ (अलवर, राजस्थान/कमलेश जैन) पंचांग अनुसार इस वर्ष 14 मार्च को होली का पर्व है। पूर्णिमा की तिथि रहेगी. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक ही पूर्णिमा रहेगी। शुक्रवार को रंगवाली होली खेली जाएगी।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि 14 मार्च को क्या बड़ा होने जा रहा है?
- होली के बाद भी एक नहीं दो नही...कई बड़ी घटनाएं घटित हो रही हैं....
14 मार्च को हो रहा है, उसे लेकर लोग चकित और भयभीत भी हैं। इसके पीछे एक जो सबसे बड़ा कारण है। साल 2025 का पहला ग्रहण भी लग रहा है। शुभ और मांगलिक कार्यों में ग्रहण लगने की घटना को हिंदू सनातन धर्म में शुभ नहीं मानते हैं। इसके ठीक 15 दिन के अंतराल पर यानि 29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण लग रहा है। ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। ग्रहण के दौरान सूतक काल में कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता केअनुसार ग्रहण की स्थिति में कुछ लोग यात्रा, शुभ कार्य आदि करने से बचते हैं। यहां तक की पूजा और भोजन करने से भी बचते हैं। ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष हिदायत दी जाती है।
- 14 मार्च को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
ग्रहों का प्रभाव और ब्रह्मांड में होनी वाली प्रत्येक गतिविधि का धरती और यहां पर रहने वालों पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए 14 मार्च को कुछ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि अशुभता को कम किया जा सके।
नशा न करें- होली पर शराब आदि का सेवन करने से बचें। यदि ऐसा करते हैं तो आप पाप ग्रह राहु केतु और क्रूर ग्रह मंगल के नकारात्मक प्रभाव से बचेगे नहीं, इस स्थिति में लड़ाई-झगड़ा, जेल, पुलिस, कोर्ट आदि के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
खानपान पर ध्यान दें-ग्रहण लग रहा हो और ब्रह्मांड के सबसे बड़े ग्रही की चाल में जब परिवर्तन हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में संपूर्ण शरीर प्रभावित होता है. 14 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है और असीम ऊर्जा के मालिक सूर्य राशि परिवर्तन भी कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में संतुलित आहार ही लेना चाहिए। चंद्रमा जल और मन का कारक है और हमारे शरीर में 80 फीसदी मात्रा जल की है। चंद्रमा पर लगने वाला ग्रहण शरीर को प्रभावित कर सकता है। जिस कारण तनाव, चिंता और ओवर थिकिंग जैसी स्थिति बन सकती है।

