तबांकू मुक्त अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु टीम भावना से करें कार्य
तंबाकू वेंडर लाइसेंसिंग की व्यवस्था को कड़ाई से करें लागू-जिला कलक्टर

भरतपुर, (3 अप्रैल/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) तंबाकू मुक्त गाँव एवं तंबाकू वेंडर लाइसेंसिंग का प्रभावी क्रियान्वयन करने हेतु जिला स्तरीय बैठक गुरुवार को जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान के क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते तंबाकू सेवन के सबंध में साथ ही कोटपा और तंबाकू के लिए वेंडर लाइसेंसिंग के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
जिला कलक्टर ने कहा कि तंबाकू सेवन परिवार, समाज व देश के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसका प्रभाव हमारे देश की सामाजिक एवं अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप पड रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को तंबाकू के सेवन से बचाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को एक टीम भावना से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि तबांकू मुक्त राजस्थान अभियान का मकसद जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र और प्रदेश को तंबाकू सेवन से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने आमजन को जागरूक करने के लिये शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य मार्गाें पर स्लोगन, संदेशप्रद चित्र बनवाने के निर्देश दिये। उन्होंने तंबाकू से बने उत्पाद की ब्रिकी के लिए वेंडर लाइसेंसिंग की व्यवस्था कड़ाई से लागू करने हेतु निर्देशित किया साथ ही अवैध रूप से बिक्री करने वाले डेयरी बूथ एवं जनरल स्टोर आदि पर नियमानुसार कडी कार्रवाई करें, तंबाकू वेंडर लाइसेंसिंग के लिये तंबाकू विक्रेताओं को प्रेरित करें। उन्होंने तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को कचरा निस्तारण हेतु डस्टबिन रखवाये जाने की बात कही। उन्होंने जिले में तंबाकू नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों में सार्वजनिक स्थानों पर गैर धूम्रपान क्षेत्र बोर्ड लगवायंे और धूम्रपान करने वालों से जुर्माना भी वसूलें।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के पास 100 मीटर के दायरे में लगने वाली तम्बाकू की दुकानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त गाँव अभियान हेतु कार्यक्रम का ग्राम पंचायत स्तर पर भी प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जाए । उन्होंने सेवानिवृत्ति सिपाही, खिलाडी या वरिष्ठ नागरिकों को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ब्रांड एंबेसडर नोडल बनाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के तंबाकू थोक विक्रेताओं से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कानून नियम 2003 के नियमों की अनुपालना करने के निर्देश दिए। नगर निगम के अधिकारी कार्य योजना बना कर सभी सम्बंधित विभागों के समन्वय से उसका प्रभावी क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।
एसआरकेपीएस निदेशक राजन चौधरी ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए प्रयास जरूरी हैं। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने, सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने और सही शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान दिया जाए। इसके अलावा समाज में सामाजिक समरसता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा आगामी 31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस तक एक्शन प्लान बनाकर तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान को आगे बढ़ाने व कोटपा 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में नवयुवक मंडलों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने के लिये आयोजित होने वाले मेले, रैली, ग्राम सभाऐं, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस व सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जायेे।
उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध है जैसे सभागृह, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, प्रतीक्षालय मनोरंजन केंद्र, अन्य कार्य स्थल, कार्यालय व दुकानें आदि उल्लंघन करने पर 200 रूपये का जुर्माना हो सकता है। धारा 5 के अंतर्गत तंबाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु विज्ञापन उनके द्वारा प्रयोजन एवं प्रोत्साहन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से निषेध है। उन्होंने कहा कि धारा 6 अ के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के अवयस्क व्यक्तियों को अथवा उनके द्वारा तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित हैं। धारा 6 ब के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दूरी में तंबाकू उत्पाद विक्रय प्रतिबंधित है। धारा 7 के अंतर्गत तंबाकू उत्पादों पर चित्र में स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित होनी अनिवार्य है।
तंबाकू मुक्त गांव मूल्यांकन प्रक्रिया ये रहेगी -
एसआरकेपीएस निदेशक राजन चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत को प्रत्येक वर्ष गांवों में एसओपी के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करने के लिए दिए गए स्कोरकार्ड का उपयोग करना होगा और 80 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले गांवों को इस संबंध में एक प्रमाण पत्र देना होगा। एक बार जब ग्राम पंचायत संतुष्ट हो जाती है कि गांव ने मानक स्कोर प्राप्त कर लिया है, तो ग्राम पंचायत जिला नोडल अधिकारी, एनटीसीपी से तंबाकू मुक्त गांव का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकती है।
उन्होंने बताया कि मूल्यांकन जिला नोडल अधिकारी-एनटीसीपी द्वारा एक टीम के माध्यम से ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायती राज, शिक्षा अधिकारी, महिला और बाल विकास से एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह मूल्यांकन गांव के सरपंच द्वारा आवेदन किए जाने के एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि मूल्यांकन टीम द्वारा गांव को एसओपी के अनुपालन में पाया जाता है, तो ब्लॉक विकास अधिकारी की स्वीकृति से एक वर्ष के लिए मान्य तंबाकू मुक्त गांव प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तंबाकू मुक्त गांव घोषित करने के लिए मूल्यांकन का निर्धारण 150 अंक में से तय किया जाएगा।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई, एसआरकेपीएस के राज्य समन्वयक हिरेन्द्र सेवदा, एनटीसीपी सैल से नीरजा कुंतल, विकास अधिकारी नदबई सौदानसिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






