करणी माता मेले के संबंध में हुई बैठक आयोजित ,3 से 12 अक्टूबर तक होगा मेला आयोजित

अलवर 24 सितम्बर। अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर बीना महावर ने आगामी 3 से 12 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले बाला किला स्थित करणी माता के मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को उन्हे सौंपे गये कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि मेले के सफल व शान्तिपूर्वक आयोजन हेतु संबंधित विभाग आपसी समन्वय रखते हुए सौंपे गये समस्त दायित्वों का प्रो-एक्टीव रहते हुए निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान प्रवेश प्रातः 5 बजे से सायं 6 बजे तक ही दिया जाएगा इसकी पालना संबंधित विभाग सुनिश्चित करावे। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वन नाका से मन्दिर तक के रास्ते में सड़क के दोनों ओर हो रहे गढ्ढों को मेले से पूर्व भरवाना सुनिश्चित किया जाये तथा क्षतिग्रस्त दीवारों के पास मजबूत बैरिकेटिंग करावे। उन्होंने कहा कि जयपोल गेट के आसपास की समस्त झाडियों को साफ करवाया जाये। उन्होंने सड़क के प्रत्येक मोड़ पर चमकने वाले लाल रंग के संकेतक लगवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि मेले में वृद्ध, असहाय एवं दिव्यांग लोगों को लाने व जे जाने के लिए एक अलवर वाहिनी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने अलवर तहसीलदार को निर्देश दिये कि भण्डारे करने की अनुमति देते समय आयोजनकर्ता को पर्याप्त संख्या में भण्डारा स्थल पर कचरा पात्र रखने के लिए पाबन्द करें एवं कचरे का निस्तारण विधिवत रूप में करें। सुनिश्चित करावे कि कचरा वन क्षेत्र में नहीं फेंके तथा भंडारे में प्रसाद हेतु प्लास्टिक डिस्पोजल उत्पाद का उपयोग प्रतिबंधित है। पेड के पत्तों से बने पत्तल, दूने एवं मिट्टी के कुल्हडों का प्रयोग करे। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में डी.जे. व लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाया जाये तथा जहाँ भी डी.जे का इस्तेमाल करना पाया जाये तो उस पर तुरन्त कार्रवाई कर बन्द करायें। उन्होंने कहा कि प्रसाद की दुकानों का स्थान इस प्रकार निर्धारित करें कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि मेला स्थल एवं बाला किला क्षेत्र में पॉलिथिन की थैलियों व प्लास्टिक डिस्पोजेबल उत्पाद ले जाने व उपयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा, इसकी पालना नगर निगम आयुक्त सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि मेला स्थल पर आमजन को चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु चिकित्सा दलों का गठन किया जाये जिसमें आवश्यकतानुसार चिकित्सक एवं पैरा मैडिकल स्टाफ को शामिल करें तथा चक्रधारी हनुमान मन्दिर पर एक-एक एमपीडब्ल्यू की ड्यूटी 8-8 घण्टे की तीन पारियों में एवं वनपाल नाका के पास पैरा मेडीकल की टीम लगायें। उन्होंने कहा कि मेला स्थल पर विक्रय किये जाने वाले खाने-पीने के सामान का प्रतिदिन सैम्पल लिये जाने हेतु खाद्य निरीक्षक की ड्यूटी लगाई जाये। उन्होंने नगर विकास न्यास के अधिकारी को मेला स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगवाये एवं मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर श्रृद्धालुओं के अल्पकालीन विश्राम हेतु छाया एवं पानी की व्यवस्था कराए। उन्होंने कहा कि मेले में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस बल व महिला पुलिस की पुख्ता
व्यवस्था की जायें तथा मेले में सफाई की व्यवस्था नगर परिषद व पीने के पानी की व्यवस्था जलदाय विभाग एवं लाइट साउण्ड टैण्ट व फर्नीचर की व्यवस्था नगर विकास न्यास द्वारा की जायेगी। उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहनों को वन विभाग के नाके से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी किन्तु मेला व्यवस्था में लगे वाहनों को आने-जाने की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि मेला स्थल पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर वायरलैस सैट उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेला स्थल पर अग्निशमन वाहन रखा जायें।
बैठक में उपखण्ड अधिकारी जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर, आरटीओ सतीश चौधरी, डीएफओ अलवर राजेन्द्र हुड्डा, यूआईटी के अधिशाषी अभियन्ता योगेन्द्र वर्मा, आरसीएचओ डॉ. मन्जू शर्मा, तहसीलदार तनु शर्मा, पीडब्लूडी के सहायक अभियन्ता रामावतार गुप्ता, विधुत विभाग के सहायक अभियन्ता अकबर खान, करणी माता मंदिर के महन्त उमेश शर्मा, सुरेश गुप्ता, सी.पी. सैनी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे एवं करणी माता मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- अमित कुमार भारद्वाज






