धौलपुर की ऐतिहासिक बारहदरी उपेक्षा का शिकार, असामाजिक तत्वों का बनी अड्डा

धौलपुर: (नाहरसिंह मीना) राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बावजूद, धौलपुर जिले के कई महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल और ऐतिहासिक इमारतें जिला प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रही हैं। बाड़ी तहसील में स्थित खूबसूरत बारहदरी इसका एक ज्वलंत उदाहरण है, जिसे तत्काल संरक्षण की आवश्यकता है।
बाड़ी नगर में महाराणा प्रताप खेल स्टेडियम के समीप स्थित यह ऐतिहासिक बारहदरी वर्तमान में जुआरियों, शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा रोष व्याप्त है कि एक ऐतिहासिक महत्व की धरोहर इस प्रकार से दुरुपयोग हो रही है।
बाड़ी की जागरूक जनता ने प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि इस महत्वपूर्ण स्थल को संरक्षित किया जाए। नागरिकों का सुझाव है कि बारहदरी और उसके आसपास के क्षेत्र को खूबसूरत लाइटिंग से सजाया जाए और एक आकर्षक पार्क विकसित किया जाए। उनका मानना है कि इस प्रकार से विकसित करने पर यह स्थान एक बेहतरीन दर्शनीय स्थल और पिकनिक स्पॉट के रूप में उभरेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारहदरी को पर्यटन के मानचित्र पर लाया जाता है, तो यह निश्चित रूप से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। इससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
बाड़ी की जनता अब जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रही है ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाया जा सके और इसे एक सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन नागरिकों की इस जायज मांग पर कब ध्यान देता है और बारहदरी के संरक्षण और विकास के लिए क्या कदम उठाता है।






