रोगों से मुक्ति दिलाती हैं 'बीड़ा री माता' (झांतला माँ), भक्तों की आस्था का केंद्र बना सालमपुरा का शक्तिपीठ
गुरलाँ (सत्यनारायण सेन) गुरलाँ क्षेत्र की कोचरिया ग्राम पंचायत के सालमपुरा के जंगलों में स्थित 'बीड़ा की माता जी' (झांतला माँ) का दरबार जन-जन की आस्था, भक्ति और अटूट विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पौराणिक मान्यता और जनश्रुति के अनुसार, यह स्थान एक अत्यंत प्राचीन व चमत्कारी शक्तिपीठ है, जहाँ माँ के केवल दर्शन मात्र से ही असाध्य रोगों से पीड़ितों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
परिक्रमा से ठीक हो रहे लकवा ग्रसित रोगी
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दरबार में आने वाले शारीरिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को शीघ्र लाभ मिलता है। विशेषकर लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित लोग यदि मंदिर की नियमित परिक्रमा करते हैं, तो वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो जाते हैं। यही कारण है कि यहाँ शनिवार, रविवार और नवरात्रि के पावन पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
विकास की दरकार: भक्तों ने उठाई सड़क व लाइट की मांग
यह चमत्कारी स्थान नगर निगम/नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ नगर निकाय द्वारा सड़क, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर व आसपास के मार्गों पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग रखी है:
- रोड लाइट और पोल: भक्तों ने मांग की है कि मंदिर परिसर से लेकर 'पुर' वाले रास्ते और 'दरीबा' सड़क तक मार्ग पर 5-5 स्ट्रीट लाइट के खंभे (पोल) लगाकर उचित रोशनी की व्यवस्था की जाए।
- झाड़ियों की कटाई: सड़क के दोनों किनारों पर उगे अंग्रेजी बबूल और झाड़ियों को तुरंत हटवाया जाए, जिससे वाहनों की क्रॉसिंग सुगम हो सके और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
- 1.5 किमी सड़क की मरम्मत: सालमपुरा-दरीबा लिंक रोड से माता के मंदिर तक जाने वाला 1.5 किलोमीटर का मार्ग गड्ढों और कंक्रीट से बदहाल हो चुका है। श्रद्धालुओं ने इस सड़क के डामरीकरण/मरम्मत की पुरजोर मांग उठाई है।
कनेक्टिविटी और भविष्य का बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
झांतला माता का यह पवित्र दरबार नेशनल हाईवे 758 (NH-758) के कोचरिया चौराहे से मात्र 8 किमी, पुर से 5 किमी और दरीबा से केवल 3 किमी की दूरी पर स्थित है। आगामी समय में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का भीलवाड़ा स्टेशन इसी क्षेत्र में प्रस्तावित होने के कारण इस धार्मिक स्थल की महत्ता और कनेक्टिविटी भविष्य में और अधिक बढ़ने वाली है।

