उदयपुरवाटी में नांगल नदी पर धू-धू कर जला 31 फीट का रावण, दादूपंथी सेना ने दिखाए पारंपरिक करतब
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) कस्बे में विजयादशमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और अपार उत्साह के साथ मनाया गया। दादूपंथी स्वामी समाज की सामाजिक संस्था 'पंचायत पांचों अखाड़ों के पंच भंडारी' के तत्वावधान में नांगल नदी स्थित मेला मैदान में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
उत्सव की शुरुआत जमात स्थित बालाजी मंदिर में नवमी की रात से शुरू होकर दशमी की सुबह तक चले महाहवन से हुई। इसके बाद समाज के लोगों ने शस्त्र पूजन कर 101 जुजरबों की सलामी दी और आमजन को सिंदूर व हवन की धूप वितरित की। शाम 4:30 बजे बालाजी मंदिर से पचरंगी निशान के साथ दादूपंथी सेना रवाना हुई। नौपत, नगाड़े, ढोल, ताशों और रणभेरी की गूंज के बीच दादू नवयुवक मंडल व खंडेतों ने मार्ग में जगह-जगह हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए।
शाम को सेना के नांगल नदी पहुंचने पर परंपरा अनुसार पहले रावण सेना के प्रतीक मटकों पर जुजरबों व धनुष-बाण से अचूक निशाना साधा गया। इसके पश्चात अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया गया। इस दौरान हुई भव्य और जोरदार आतिशबाजी ने पूरे आसमान को रोशन कर दिया, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
समारोह में विधायक भगवानाराम सैनी, संस्था के मंत्री दयाराम दास स्वामी, पूर्व मंत्री थामायत शंकरदास स्वामी, पार्षद शिवदयाल स्वामी, घनश्याम स्वामी, राहुल ओला, श्यामलाल सैनी, अमित अली कच्छावा, विप्र समाज अध्यक्ष गौतम मारवाल, मीन सेना संयोजक सुरेश मीणा, पुजारी महेंद्र दास स्वामी, रामस्वरूप दास स्वामी, सीआई रामपाल मीणा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

