चलती एंबुलेंस में प्रसूता ने दिए जुड़वां बच्चों को जन्म; अस्पताल ले जाते समय रास्ते में बढ़ी पीड़ा, 108 कर्मियों की सूझबूझ से सुरक्षित हुई डिलीवरी; मां और दोनों नवजात स्वस्थ
अलवर (राजस्थान) अलवर जिले में 108 एंबुलेंस कर्मियों की सूझबूझ और तत्परता से एक महिला की चलती एंबुलेंस में सुरक्षित डिलीवरी का मामला सामने आया है। प्रसूता ने रास्ते में ही जुड़वां बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) को जन्म दिया। फिलहाल जच्चा और बच्चा तीनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
- रास्ते में अचानक बढ़ी गंभीर पीड़ा
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 8 बजे गांव नाहरपुर से 108 एंबुलेंस पर प्रसूता के संबंध में कॉल आया था। सूचना मिलते ही ईएमटी यशवंत शर्मा और एंबुलेंस चालक रतन सिंह तुरंत मौके पर पहुँचे। वे मूल रूप से आगरा की रहने वाली और हाल ही नाहरपुर में निवास कर रही प्रसूता हरदेई को एंबुलेंस में बैठाकर अलवर जनाना अस्पताल के लिए रवाना हुए।
अभी एंबुलेंस बख्तल की चौकी और नाहरपुर के बीच ही पहुँची थी कि महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बहुत तेज हो गई। ईएमटी यशवंत शर्मा ने स्थिति की जांच की तो पाया कि बच्चे का सिर बाहर आने लगा है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अस्पताल तक का इंतजार न करने का फैसला किया।
- एंबुलेंस रोककर कराई सुरक्षित डिलीवरी
गंभीरता को देखते हुए चालक रतन सिंह ने एंबुलेंस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद ईएमटी यशवंत शर्मा ने परिजनों की मदद से एंबुलेंस के भीतर ही सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक-एक कर जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया।
प्रसव के तुरंत बाद एंबुलेंस कर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए मां और दोनों नवजातों को अलवर के जनाना अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। 108 कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदारी की हर तरफ सराहना हो रही है।

